मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के चीफ विजलेंस ऑफिसर (सीवीओ) की ओर से मंत्रालय को लिखे गए पत्र पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यदि उन्हें खतरा था तो पुलिस के पास जाना चाहिए था। यदि पुलिस मदद नहीं करती तब वे इस मामले में गृहमंत्री से बात करते।
एमसीआई सीवीओ ने यह कहते हुए मूल कैडर में भेजने का आग्रह स्वास्थ्य मंत्रालय से किया था कि उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने पर परेशान किया जा रहा है, लिहाजा उन्हें उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया जाए।
एम्स के सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को हटाए जाने के मामले में आरोप झेलने वाले स्वास्थ्य मंत्री के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है।