बिलाल ने किसी तरह फोन कर अपने भाई आमिर को घटना की सूचना दी और वहां से भाग निकला। बिलाल पर हमले की सूचना मिलते ही वैठ निवासी उसके चचेरे भाई परवेज और वसीम अपने साथियों को लेकर हाईवे पर वैठ मोड़ के पास पहुंच गए।
उन्होंने गढ़ की तरफ से नाजिम की बस आते देखी, तो सड़क किनारे खड़े होकर उसे रुकने का इशारा किया। इस पर नाजिम ने रफ्तार बढ़ाकर बस उनके ऊपर चढ़ा दी। बस की चपेट में आकर परवेज (35) पुत्र यामीन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि वसीम गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद नाजिम बस लेकर मौके से भाग गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना देते हुए घायल वसीम को स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया है। जहां उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
घटना की सूचना पाते ही सीओ पवन कुमार और एसओ सिंभावली महेंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। शुक्रवार दोपहर बिलाल की तहरीर पर पुलिस ने नाजिम उर्फ काली, आसिफ, नादिर उर्फ गुल्लू समेत कई अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
सीओ पवन कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच और आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं एसओ महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त बस वैठ के पास एक स्थान से बरामद कर ली गई है।