नोएडा में गटर में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से सोमवार को हुई सफाई कर्मी और फल विक्रेता की मौत पर मौन पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल के सामने सड़क पर शव रखकर लोगों ने जाम लगाया। इस बीच बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स बुलाकर स्थिति पर काबू पाया गया। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट ने लोगों को आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन खत्म कराया।
गुस्साए परिजनों ने ईएसआई अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मंगलवार करीब दो बजे से नारेबाजी एवं प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते चौड़ा गांव से भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
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करीब चार बजे तक परिजन प्रदर्शन करते रहे। बाद में मांगों पर सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा आश्वासन मिलने पर प्रदर्शन खत्म किया। जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजन शवों को लेकर गए।
ईएसआई अस्पताल ने शुरू की जांच
ईएसआई अस्पताल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक यदि मेंटिनेंस एजेंसी दोषी पाई गई, तो एजेंसी पर मृतकों के परिवार के सदस्य को नौकरी और मुआवजा देने के लिए कहा जाएगा।
इस मामले को लेकर मंगलवार को अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। अस्पताल के कार्यवाहक चिकित्सा निदेशक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि सफाई का काम मेंटिनेंस एजेंसी के जिम्मे है।
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ऐसे में एजेंसी की ओर से यदि कोई दोष होता है, तो उसके लिए अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार नहीं है। अस्पताल के उप निदेशक (प्रबंधन) मुकेश को मामले की जांच सौंपी गई है।
उप निदेशक इस बात की पड़ताल में जुट गए हैं कि सीवर में एजेंसी के द्वारा ही सफाई के लिए व्यक्ति उतारा गया था अथवा नहीं। उपनिदेशक को बुधवार सुबह तक रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है।