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Gurugram: साइबर ठगों के साथ मिलीभगत में यस बैंक का प्रबंधक साथियों समेत गिरफ्तार, दो लाख में बेच दिया था खाता

Mon, 04 Mar 2024 10:30 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
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साइबर ठगों के नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करते हुए निजी क्षेत्र के एक और बैंक प्रबंधक को उसके दो अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली लाजपत नगर की यस बैंक शाखा में मैनेजर है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए चार दिन की रिमांड पर लिया है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने एक खाता खोलने के दो लाख लिए थे।

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एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने सोमवार को बताया कि बीते साल 12 अप्रैल 2023 में एक व्यक्ति के पास फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और फेडेक्स के माध्यम से भेजे गए पार्सल में अवैध सामान होने की बात कहकर डराया था। ठगों ने पीड़ित से करीब 9.52 लाख रुपये ठग लिए थे। इसके बाद साइबर थाना पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई।

एसीपी ने बताया कि इसी केस की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़ित से ठगी गई साढे़ नौ लाख रुपये की रकम में से एक ऐसे बैंक खाते में 1.52 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, जिसके दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए। गहनता से जांच की गई तो पता चला कि उपरोक्त बैंक खाता मूलरूप से बिहार निवासी मोहम्मद मुकीम ने खुलवाया था। मुकीम लाजपत नगर दिल्ली यस बैंक की यस बैंक ब्रांच में मैनेजर है और ओखला विहार दिल्ली में रहता है। आरोपी ने इस खाते को खुलवाने में अपने रिश्तेदार के फर्जी दस्तावेज का प्रयोग किया था।
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जांच में यह भी पता चला कि मोहम्मद मुकीम के कहने पर ही मुजफ्फरपुर बिहार निवासी बैंक के सेल्स मैनेजर रोशन कुमार व बेगूसराय बिहार निवासी बैंक कर्मचारी अनिकेश ने यह खाता खोला था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा। यह भी पता चला है कि आरोपी ने इस खाते को खोलने की एवज में साइबर ठग से दो लाख रुपये लिए थे। गिरफ्तार आरोपी बैंक में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे।एसीपी साइबर क्राइम ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ करने के साथ ही बैंक के आला अधिकारियों से इन तीनों के कार्यकाल के दौरान खोले गए बैंक खातों की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही इन बैंक खातों में हुई ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है।

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साइबर ठगी में बैंक के कर्मचारियों की संलिप्तता को देखते हुए पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों ने कितने ऐसे खाते खोले और कितने में बेचा समेत अन्य बातों की जानकारी पुलिस को लेनी है। पुलिस ने आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

बरेली निवासी साइबर ठग को 12 खाते बेचे
यस बैंक की लाजपत नगर दिल्ली ब्रांच में तैनात मैनेजर मुकीम को रविवार रात गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले छतरपुर ब्रांच में काम करता था। यहां काम करने के दौरान अप्रैल 2023 में अपने दो साथियों के साथ मिलकर ये खाते खोले और ठगों को बेच दिए। दो अन्य साथी रोशन और अनिकेष अभी छतरपुर ब्रांच में सेल्स ऑफिसर थे। अभी तक कि जांच में पता चला हैं कि तीनों ने 12 खाते बेचे हैं। मुकीम ने जिसको खाते बेचे हैं वह बरेली का रहने वाला है। दोनों में पहले से ही दोस्ती थी। बरेली निवासी आरोपी ने खाते आगे बेचे हैं। पुलिस उसकी जानकारी ले रही है।
एक सप्ताह पहले तीन बैंक मैनेजर भी हुए थे गिरफ्तार

बीते एक सप्ताह के दौरान ही साइबर ठगों से बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले गुरुग्राम पुलिस ने 27 फरवरी को भी साइबर ठगी में कोटेक महिंद्रा बैंक के सहायक प्रबंधक मोहित राठी,उप प्रबंधक महेश कुमार व विश्वकर्मा मौर्या कोटेक अरेस्ट किया था। इससे पहले मानेसर में किराए पर इस प्रकार के बैंक खाते खुलवाने का मामला आया था। पुलिस ने भी तीन पर कार्रवाई की थी।

साइबर ठगों के जाल को काटने में लगी पुलिस
पिछले साल नूंह में साइबर ठगों पर पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। अब निजी क्षेत्र के बैंक प्रबंधकों द्वारा साइबर ठगों से मिलाए गए हाथ के मामले में पुलिस इससे जुड़े तारों को जोड़ने में लगी है। आरोपियों द्वारा अब तक करीब दो हजार खातों के खुलवाए जाने की बात सामने आई है। इनमें से 80 से ज्यादा ऐसे खाते मिले हैं, जिनमें ठगी की रकम का ट्रांसफर होना पाया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी कोटेक महिंद्रा बैंक के सहायक प्रबंधक मोहित राठी,उप प्रबंधक महेश कुमार व विश्वकर्मा मौर्या कोटेक महिंद्रा बैंक में करीब आठ माह पहले ही आए थे। ऐसे में पुलिस इसके संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकरी ले रही है। जिससे अन्य फर्जी बैंक एकाउंट की जानकरी मिल सके।
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