साइबर ठगी में बैंक के कर्मचारियों की संलिप्तता को देखते हुए पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों ने कितने ऐसे खाते खोले और कितने में बेचा समेत अन्य बातों की जानकारी पुलिस को लेनी है। पुलिस ने आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
बरेली निवासी साइबर ठग को 12 खाते बेचे
यस बैंक की लाजपत नगर दिल्ली ब्रांच में तैनात मैनेजर मुकीम को रविवार रात गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले छतरपुर ब्रांच में काम करता था। यहां काम करने के दौरान अप्रैल 2023 में अपने दो साथियों के साथ मिलकर ये खाते खोले और ठगों को बेच दिए। दो अन्य साथी रोशन और अनिकेष अभी छतरपुर ब्रांच में सेल्स ऑफिसर थे। अभी तक कि जांच में पता चला हैं कि तीनों ने 12 खाते बेचे हैं। मुकीम ने जिसको खाते बेचे हैं वह बरेली का रहने वाला है। दोनों में पहले से ही दोस्ती थी। बरेली निवासी आरोपी ने खाते आगे बेचे हैं। पुलिस उसकी जानकारी ले रही है।
एक सप्ताह पहले तीन बैंक मैनेजर भी हुए थे गिरफ्तार
बीते एक सप्ताह के दौरान ही साइबर ठगों से बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले गुरुग्राम पुलिस ने 27 फरवरी को भी साइबर ठगी में कोटेक महिंद्रा बैंक के सहायक प्रबंधक मोहित राठी,उप प्रबंधक महेश कुमार व विश्वकर्मा मौर्या कोटेक अरेस्ट किया था। इससे पहले मानेसर में किराए पर इस प्रकार के बैंक खाते खुलवाने का मामला आया था। पुलिस ने भी तीन पर कार्रवाई की थी।
साइबर ठगों के जाल को काटने में लगी पुलिस
पिछले साल नूंह में साइबर ठगों पर पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। अब निजी क्षेत्र के बैंक प्रबंधकों द्वारा साइबर ठगों से मिलाए गए हाथ के मामले में पुलिस इससे जुड़े तारों को जोड़ने में लगी है। आरोपियों द्वारा अब तक करीब दो हजार खातों के खुलवाए जाने की बात सामने आई है। इनमें से 80 से ज्यादा ऐसे खाते मिले हैं, जिनमें ठगी की रकम का ट्रांसफर होना पाया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी कोटेक महिंद्रा बैंक के सहायक प्रबंधक मोहित राठी,उप प्रबंधक महेश कुमार व विश्वकर्मा मौर्या कोटेक महिंद्रा बैंक में करीब आठ माह पहले ही आए थे। ऐसे में पुलिस इसके संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकरी ले रही है। जिससे अन्य फर्जी बैंक एकाउंट की जानकरी मिल सके।