गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 53 हजार करोड़ रुपये की लागत से करीब 15 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसमें से 14 पर काम शुरू हो गया है। एक परियोजना पर दिल्ली के सीएम व उपराज्यपाल के साथ बैठक होने वाली है। इसमें से 4 किलोमीटर की एक टनल भी बनाई जाएगी, जिसके बनने के बाद प्रदूषण व जाम से निजात मिलेगी। उक्त बातें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहीं।
वह सोहना के लोहटकी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट को भी प्राथमिकता देते हुए कहा कि फरीदाबाद को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए भूमि अधिग्रहण कर लिया गया है और सभी काम इसी साल शुरू हो जाएंगे। उन्होेंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट को डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास के जरिये दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 2100 करोड़ रुपये की लागत से 6 लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा, जिसकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इसके जरिये हरियाणा के लोगों की जेवर एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका दिल्ली से जयपुर तक इलेक्ट्रिक रोड बनाने का सपना है, जिस पर ट्रेन की पटरी की तरह इलेक्ट्रिक केबल के जरिये बसें व अन्य इलेक्ट्रिक व्हीकल चलाए जा सकें।
दिल्ली की सीमा से बाहर ही निकल रहे 70 फीसदी कमर्शियल वाहन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या काफी गंभीर थी, जिसे ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के जरिश्े काफी हद तक कम किया गया है। हरियाणा, राजस्थान, पंजाब से प्रतिदिन दिल्ली के अंदर साढ़े 5 लाख वाहन आ रहे थे, जिसमें से 70 फीसदी वाहन कमर्शियल होते थे। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे बनने से करीब 1 लाख वाहन दिल्ली की सीमा में प्रवेश किए बिना निकल रहे हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बनने से दिल्ली के प्रदूषण में 27 फीसदी की कमी आएगी।
मार्च 2023 तक पूरा होगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि लगभग 1380 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जो मार्च 2023 तक बनकर तैयार होगा। इस पर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस एक्सप्रेसवे का दिल्ली से राजस्थान के दौसा तक तथा वडोदरा से अंकलेश्वर तक का हिस्सा मार्च 2022 तक बन जाएगा। यह 8 लेन का एक्सेस कंट्रोल ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें भविष्य में 4 लेन और जोड़कर इसे 12 लेन तक का किया जा सकेगा। इसको देखते हुए एक्सप्रेसवे पर 21 मीटर चौड़ाई की मीडियन बनाई जा रही है, जिसे भविष्य में घटाकर एक्सप्रेसवे को चौड़ा किया जा सकता है।
दिल्ली से कटरा की दूरी 727 किमी से घटकर 572 किमी रह जाएगी
गडकरी ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे का उल्लेख करते हुए कहा कि 27 हजार करोड़ रुपये की लागत से 572 किलोमीटर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। इसके बनने के बाद दिल्ली से कटरा की दूरी 727 किलोमीटर से घटकर 572 किलोमीटर रह जाएगी। अगले दो साल में दिल्ली से अमृतसर केवल 4 घंटे व दिल्ली से कटरा तक केवल 6 घंटे तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि अगले दो साल में दिल्ली से चंडीगढ़ 2 घंटे में, दिल्ली से देहरादून 2 घंटे में व दिल्ली से हरिद्वार 2 घंटे में पहुंचा देंगे। अगले माह ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की बात कहते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा की कि इसके शुरू होने के बाद दिल्ली-मेरठ की दूरी 40 मिनट में पूरी होगी।
बहादुरगढ़, रोहतक व जींद से होकर गुजरेगा दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे
गडकरी ने कहा कि दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे हरियाणा के बहादुरगढ़, रोहतक व जींद से होकर गुजरेगा। इस दौरान जींद के पिछड़ेपन का उल्लेख करते हुए गडकरी ने सीएम मनोहरलाल से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे गुरुग्राम जैसे 2-3 स्मार्ट शहर बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि रोड हम बनाएंगे और पैसा बिल्डर के पास जाएगा। नेता और बिल्डर पहले देखते हैं कि रोड और हाईवे कहां से जा रहे हैं। एक नई स्मार्ट सिटी बनाने से आईटी इंडस्ट्री आएंगी। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के किनारे बैकवर्ड एरिया को भी विकसित कर सकते हैं।
सरहौल यूटर्न अंडरपास 15 अक्तूबर से खुलेगा
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बृहस्पतिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण का जायजा लेने के लिए सोहना के गांव लोहटकी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित सरहौल यूटर्न अंडरपास का निर्माण पूरा हो चुका है, जिसे 15 अक्तूबर को खोल दिया जाएगा। सरहौल यूटर्न अंडरपास के खुलने से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर रोजाना लगने वाले जाम से वाहन चालकों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश के लिए अभिमान का विषय है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काफी काम पूरा हो चुका है। इसके जरिये दिल्ली से मुंबई 12-12:30 घंटे में पहुंच सकेंगे। करीब 10400 करोड़ की लागत से इसका 160 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा से होकर गुजरेगा, जिसमें से 130 किलोमीटर का हिस्सा पूरा हो चुका है। नूंह व पलवल को एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए कई जगह इंटरचेंज के माध्यम से भी कनेक्टिविटी की जाएगी। हरियाणा में पड़ने वाले हिस्से में 6 स्थानों पर वे-साइड सुविधाएं बनाई जाएंगी। इनमें यात्रियों के लिए, रिजोरेड, रेस्तरां, डोरमेट्री, अस्पताल, फूड कोर्ट, फ्यूट स्टेशन, गैराज पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दुर्घटना होने पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हेलिकॉप्टर सर्विस व ड्रोन की भी सुविधा मिलेगी।
डीएनडी, आश्रम, बदरपुुर, फरीदाबाद व बल्लभगढ़ में जाम नहीं लगेगा
इसमें से दिल्ली से दौसा तक 214 किलोमीटर का काम मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को डीएनडी, फरीदाबाद व बल्लभगढ़ से जोड़ने के लिए करीब 60 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। डीएनडी से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए तीन पैकेज में काम किया जाएगा। इसके तहत करीब 5 हजार करोड़ की लागत से 6 लेन का निर्माण किया जाएगा, जिसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। डीएनडी, आश्रम, बदरपुुर, फरीदाबाद व बल्लभगढ़ में ट्रैफिक जाम की समस्या हल होगी।
निर्माण में 8 प्रतिशत प्लास्टिक कचरे का प्रयोग
एक सवाल के जवाब में गडकरी ने बताया कि सड़क निर्माण में 8 प्रतिशत प्लास्टिक कचरे का प्रयोग किया जा रहा है। इसके बारे में उनके मंत्रालय ने एक अधिसूचना भी जारी कर रखी है। इसके अलावा टायर, रबड़, कचरे का मिश्रण करके उसकी गुणवत्ता को बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 7 साल पहले मोदी सरकार बनी और उस समय महाराष्ट्र से आकर नितिन गडकरी केंद्र में मंत्री बने थे, तब यह कहावत थी कि गडकरी महाराष्ट्र में हाईवेज के फादर हैं। गडकरी ने हरियाणा व देश में राष्ट्रीय राजमार्ग का जाल बिछाने का काम किया है, इसलिए इन्हें देश के हाईवेज का फादर कहा जा सकता है।
2022 में पूरा होगा गुरुग्राम-सोहना रोड का निर्माण
गुरुग्राम से सोहना तक करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से 21.65 किलोमीटर का एनएच-2 (48) का गुरुग्राम से सोहना तक निर्माण कार्य चल रहा है। बादशाहपुर से भोंडसी तक 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है। यह काम मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे पर सीएम पर ली चुटकी
इस अवसर पर सीएम पर चुटकी लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनोहर लाल जी ने 8 किलोमीटर का एक द्वारका एक्सप्रेसवे हाईवे मुझ पर डाल दिया। मुझे लग रहा था कि 8 किलोमीटर की परियोजना है। 50-100 करोड़ रुपये की लागत आएगी करा दूंगा, लेकिन बाद में पता चला कि इसमें 10 हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा। मैं बात का पक्का है हूं बोल दिया तो कराया।
जाम मुक्त करने के लिए खर्च किए 1004 करोड़
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली से गुरुग्राम मार्ग को ट्रैफिक मुक्त करने के लिए 1004 करोड़ का काम पूरा हो चुका है। इफ्को चौक, राजीव चौक, सिग्नेचर चौक पर फ्लाईओवर व अंडरपास का निर्माण पूरा हो चुका ाहै। वहीं, दिल्ली-गुुरुग्राम-किशनगढ़ रोड के निर्माण के लिए 1200 करोड़ की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इस दौरान गडकरी ने कहा कि एयरपोर्ट से उतरने पर धौलाकुआं के पास जाम लगता है, जिसको देखते हुए स्थानीय पुलिस स्टेशन को अन्य शिफ्ट करने का निर्देश दिया।
दिल्ली-पानीपत सड़क का निर्माण दिसंबर तक होगा पूरा
दिल्ली से पानीपत तक बनाई जा रही 8 लेन की सड़क का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। 17 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 4250 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। वहीं, गोहाना से सोनीपत तक करीब 1300 करोड़ रुपये की लागत से 38 किलोमीटर तक बनाई जा रही 4 लेन की सड़क का भी निर्माण कार्य दिसंबर 2022 तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को दी। सोहना के लोहटकी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यूपी-हरियाणा बॉर्डर से सोनीपत तक 1200 करोड़ रुपये की लागत से 45 किलोमीटर तक 4 लेन की सड़क बनाई जा रही है और यह काम भी 2021 अंत तक पूरा हो जाएगा। नए रिंग रोड यूवीआर-2 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत अहम है, जिसमें 8 हजार करोड़ की लागत से दिल्ली के लिए 76 किलोमीटर तक सड़क का निर्माण किया रहा है। उन्होंने कहा कि यूवीआर-2 को सोनीपत व बहादुरगढ़ बाईपास से जोड़ा जाएगा। इस दौरान गडकरी ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के कथन का भी उल्लेख किया। उन्होंने किसानों से जमीन न बेचने की अपील करते हुए कहा कि बिल्डर जमीन खरीद लेते हैं तो उसका फायदा बिल्डर को मिलता है।
बिलासपुर, मानेसर व कापड़ीवास में बनेंगे अंडरपास व फ्लाईओवर
गडकरी ने सड़कों की गुणवत्ता की बात कहते हुए राजस्थान में बने एक हाईवे पर एयरफोर्स का विमान उतारने की भी बात कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा रखी गई मांगों को मंजूर करते हुए गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गांव बिलासपुर, मानेसर तथा कापड़ीवास सहित 3 परियोजनाओं को स्वीकृत किया जा चुका है, जिन पर लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे पहले सीएम मनोहरलाल ने इन स्थानों पर अंडरपास या फ्लाईओवर बनाने की मांग रखी थी।
इंटरचेंज बनाने को भी मंजूरी
गडकरी ने यह भी कहा कि पलवल-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस हाईवे (केजीपी) पर इंटरचेंज बनाने के कार्य को भी स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उक्त मांग रखते हुए कहा था कि इंटरचेंज जब तक नहीं बनेगा, तब तक एक मार्ग से दूसरे मार्ग का उपयोग करने वालों को समस्या होगी।
स्टील की जगह स्टील फाइबर के उपयोग को प्राथमिकता
उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की बात कहते हुए कहा कि गुणवत्ता खराब होने पर वह जिम्मेदार लोगों का बिना बाजा बजाए नहीं रहेंगे। स्टील और सीमेंट का उपयोग करने के लिए की जा रही कोशिश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह मलयेशिया, सिंगापुर में प्रचलित नई तकनीक पर भी काम कर रहे हैं, जिसमें स्टील की जगह स्टील फाइबर के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। अमेरिका के कंस्ट्रक्शन कोड ने इसे स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि अगले दो दिन तक वह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रहने वाले हैं।
सुषमा स्वराज व अरुण जेटली को किया याद
इस दौरान गडकरी ने दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन के समय दोनों ही मौजूद थे और उन्होंने कहा सुषमा स्वराज से कहा था कि 2023 में इसके उद्घाटन के समय भी आपको आना होगा। उद्घाटन 2023 में हो जाएगा लेकिन सुषमा व अरुण जेटली नहीं रहेंगे।
विदेशों से पैसा लेकर बना रहे सड़कें
गडकरी ने कहा कि वह विदेशी बैंकों से भी पैसा लेकर सड़कों के निर्माण पर निवेश कर रहे हैं। वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे के स्लैब गिरने के मामले में चल रही जांच में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी इस पर नजर है। सुबह ही उन्होंने फाइल की निरीक्षण किया है। एनएचएआई के कंसल्टेंट आरएस चावला की हत्या से जुड़े सवाल पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुखद है और इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी।