गुरुग्राम। पशुपालकों की मांग पर राज्य सरकार ने डेयरी स्थापित करने के लिए फिर अनुदान का प्रावधान कर दिया है। इतना ही नहीं अब सामान्य वर्ग के लोग भी अनुदान प्राप्त कर सकेंगे। सरकार ने 10 दुधारू पशुओं तक की डेयरी स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अनुदान राशि का प्रावधान कर दिया है। 20 व 50 पशुओं तक की डेयरी के लिए ऋण लेने पर ब्याज में छूट का प्रावधान भी जारी रहेगा। इसके लिए क्रमश: दो तथा पांच एकड़ कृषि भूमि वाले किसान ही आवेदन कर सकते हैं। भेड़, बकरी तथा सूअर पालन में रुचि रखने वाले पशु पालक भी 25 प्रतिशत अनुदान राशि के पात्र होंगे।
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने बताया कि पशु पालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य में कई योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। ये सभी योजनाएं हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुर्रा भैंस तथा देशी गाय दुग्ध प्रतियोगिता की लोकप्रियता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस योजना के तहत दिए जाने वाले आर्थिक लाभ की अवधि को एक साल से घटाकर चार महीने कर दिया है। अब पशुपालकों को अपनी इनाम राशि पाने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भेड़ या बकरी इकाई स्थापित करने पर 90 प्रतिशत अनुदान राशि का प्रावधान नई योजना में किया गया है।
ऐसे करें आवेदन :
पशुपालन विभाग की उप निदेशक डॉ. पुनीता ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए इच्छुक पशुपालक को हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदनकर्ता हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए तथा उसकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो। आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन यदि आवेदक ने पशुपालन विभाग से संबंधित क्षेत्र में कोई प्रशिक्षण लिया है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आवेदन के समय अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते का चेक तथा बैंक का अनापत्ति प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।