गुरुग्राम। जिले में नागरिक अस्पताल व स्वास्थ्य सेवाओं की हालत किस कदर बदहाल है इसका अंदाजा सिविल लाइंस स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी को देखकर लगाया जा सकता है। डिस्पेंसरी की हालत जर्जर है, जिसमें प्रवेश करते समय भी लोगों को डर लगता है लेकिन मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में कर्मचारी भी कार्य कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस डिस्पेंसरी की इमारत भी 50 साल पुरानी है जिसे ध्वस्त कर नया भवन बनाने की दरकार है। सिविल लाइंस स्थित पुराने नागरिक अस्पताल की जर्जर इमारत को तोड़ने का काम शुरू किया गया था जो फिलहाल प्रदूषण के कारण बंद है। सिविल लाइंस स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी कब खाली कराई जाएगी और कब नव निर्माण शुरू होगा यह फिलहाल समय के गर्त में है। इस बारे में पूछने पर विभागीय अधिकारी कोई ठोस जवाब नहीं दे पाते हैं।
कोरोना की शुरुआत से ही बढ़ा है दबाव
सिविल लाइंस के जर्जर ईएसआई डिस्पेंसरी में मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण की शुरुआत से ही मरीजों का दबाव बढ़ा है। कोरोना की पहली व दूसरी लहर में सेक्टर 9 स्थित ईएसआई अस्पताल को कोविड-अस्पताल बना दिया गया था जिसके चलते वहां पर सामान्य मरीजों का प्रवेश बंद हो गया था। यहां तक की दवाएं भी नहीं दी जा रही थी जिसके बाद शहर के लगभग सभी मरीज दवाओं के लिए ईएसआई डिस्पेंसरी में आने लगे और तब से आज तक यही स्थिति बनी हुई है। बारिश के दिनों में जलभराव के चलते मरीजों को ज्यादा ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिस तरीके से डिस्पेंसरी की हालत जर्जर है उसको देखते हुए इसे जल्द से जल्द ध्वस्त कर नया भवन बनाया जाना चाहिए। इसमें तो प्रवेश करने में भी डर लगता है।
- पुलकित निवासी सेक्टर 4
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यहां पर हालत काफी खराब है। दवाई मिलती हैं और न ही स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक है। ऊपर से यह इमारत जर्जर है। इसे जितनी जल्दी गिरा दिया जाए ठीक होगा।
- रामजी, निवासी सेक्टर 14
इमारत जर्जर है। बारिश में और भी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए केंद्रीय टीम के समक्ष इस मुद्दे को रखा था, जिसके बाद केंद्र की तरफ से इसकी बिड निकाली जा चुकी है। जल्द ही इसका टेंडर भी हो जाएगा। उम्मीद है कि टेंडर निकलने के बाद इमारत का निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
- अंजलि सचदेवा, सिविल सर्जन, ईएसआई।