गुरुग्राम। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पड़ोसी देशों के ड्रोन और हवाई हमले की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। वह शनिवार को मानेसर में एनएससी के 37वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तत्परता के बारे में भारत ही नहीं, दुनिया के देश भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश पर बुरी नजर डाली या किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों में लिप्त हुए तो उसका अंजाम बहुत ही बुरा होगा। हाल के वर्षों में ऐसा करने वालों ने भुगता भी है। इसी का परिणाम है कि बहुत ज्यादा प्रयासों के बावजूद वह सफल नहीं हुआ है। जितना उसकी योजना होती है, जितना उसको विदेशी शक्तियों का समर्थन होता है और जिस प्रकार से वह प्रयास करता है। उसकोे प्रधानमंत्री के नेतृत्व तथा गृह मंत्री की दूर दृष्टि से करारा जवाब भी देते रहे हैं।
एनएसजी पर देश को गर्व
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि आज देश को गर्व है कि एनएसजी ने लगातार अपनी दक्षता और क्षमता को बढ़ाया है। एनएसजी आधुनिक हथियारों से सुसज्जित होने के बावजूद अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए तत्पर रहती है। इसी क्रम में एनएसजी ने अत्याधुनिक वाहनों व हथियारों की खरीद के साथ ही ड्रोन हमलों से बचने के लिए एंटी ड्रोन इक्विपमेंट को अपने बल में शामिल किया है। जिस तरह से तकनीक, बहादुरी और सहयोगियों के साथ प्रदर्शन हुआ है, उससे देश का विश्वास आप पर है और वह विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
19 वीर शहीदों को किया नमन
उन्होंने एनएसजी के 19 वीर शहीदों व उनके परिजनों को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया है। एनएसजी सैनिकों से उन्होंने कहा कि आप एक ऐसी संस्था से जुड़े हैं, जिस पर पूरा देश आप पर गर्व करता है। पूरा देश आप सभी को बहुत आशा और विश्वास से देखता है। आपमे हर पल हर परिस्थितियों में देश के लिए जीने-मरने की ललक है और यही वजह है कि आप पर देश को नाज है।
सब आत्मनिर्भर बनें यही प्रधानमंत्री की सोच
उन्होंने कहा कि देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री की सोच है कि वीर शहीदों के बारे में लोग जानें। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर का मतलब सब प्रकार से आत्मनिर्भर बनना है। इस दिशा में एनएसजी तेजी से आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहली बार एक सुरक्षा नीति बनी है। आजादी के इतने लंबे समय बाद जो सुरक्षा नीति बनी है, उसका परिणाम भी दिखाई पड़ रहा है और एनएसजी उसका सबसे बड़ा हिस्सा है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है एनएसजी
नित्यानंद राय ने कहा कि देश के लिए गर्व की बात है कि एनएसजी की तुलना विश्व की जानी मानी काउंटर टेरर फोर्स से की जाती है। आप सब अत्यंत अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से लैस हैं। काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन, प्रॉक्सीमेट सिक्योरिटी हो, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को सुरक्षा प्रदान करना हो, बम निरोधी कार्य समेत सभी कार्यों में एनएसजी पारंगत है, जो अभूतपूर्व उपलब्धि है।
गांडीव श्रृंखला के अभ्यास का किया खासतौर पर उल्लेख
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए एनएसजी समय-समय पर गांडीव श्रृंखला का अभ्यास करती है, जो इस दिशा में बेहतरीन प्रयास है। बम को निष्क्रिय करना एनएसजी की विशेष खासियत है, जिसके लिए एनएसजी को जितनी शाबाशी दी जाए, कम है। कोविड महामारी से निपटने के लिए एनएसजी ने मानेसर में 60 बेड का कोविड अस्पताल बनाया। पर्यावरण के क्षेत्र में भी विशेष काम करते हुए एनएसजी ने बहुत कठिन काम करते हुए 1600 एकड़ भू-भाग को हरियाली में तब्दील किया है।
एनएसजी निकाल रही है 7500 किलोमीटर की रैली
नित्यानंद राय ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत एनएसजी 75वें वर्ष में 7500 किलोमीटर की कार रैली निकाल रही है। इस पर निश्चित प्रकार से आज विश्वास भी बढ़ा है कि हम देश में शांति स्थापित करने व आतंकी गतिविधियों को रोकने में भी सक्षम हैं। एनएसजी सभी आसन्न संकटों को भलीभांति समझती है और खुद को उन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तुरंत तैयार कर लेती है। एनएसजी जब तक है तब तक देश पर कोई आंच नहीं आ सकती। आपने जिस तरीके से शहीदों को नमन किया है, देश उसकी हमेशा सराहना करेगा।
एंटी ड्रोन सुरक्षा से लैस हुआ श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन
इस अवसर पर एनएसजी के महानिदेशक एमए गणपति ने कहा कि श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर बल की तरफ से एंटी ड्रोन सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 27 जून को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर पहली बार सीमा पार से ड्रोन के जरिए हवाई हमला हुआ था, जिसमें दो सैनिक घायल हुए थे जबकि इमारत के एक हिस्से में भी कुछ नुकसान पहुंचा था। उन्होंने कहा कि आतंक व अपहरणरोधी बल सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए खुद को उसी अनुरूप तैयार कर रहा है। खास तौर पर बम निरोधक दस्ता सामान्य बम आइईडी व टिफिन बम को निष्क्रिय करने में सक्षम है, जो ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारतीय सीमा में आए थे।