उप मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संयुक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि प्रदेश के उचाना क्षेत्र का गांव गुरुकुल खेड़ा इस वर्ष नवंबर माह के अंत तक पूरी तरह से प्रदेश का पहला सोलर विलेज होगा। सौर ऊर्जा सिस्टम लगने के बाद घरों में सोलर के जरिए ही बिजली की सप्लाई होगी और गांव बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन जाएगा।
यह बात उपमुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को सेक्टर-51 स्थित गुरुग्राम विश्व विद्यालय में प्रबंधन विभाग और कॉलेज ऑफ बिजनेस, वैलपराइसो विश्वविद्यालय, इंडियाना, यूएसए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही। वह व्यापार की पुनर्कल्पना प्रौद्योगिकी एवं हरित प्रथाओं का उपयोग विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित ऊर्जा ही वह बेहतर विकल्प है जो भारत में सतत विकास को गति दे सकता है । समाज की भलाई एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित प्रथाओं के उपयोग पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। भारत हरित विकास और ऊर्जा क्षेत्र में परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। हरियाणा प्रदेश देश की श्रेष्ठ इलेक्ट्रिक व्हीकल पालिसी के तहत इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमें हमारे विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में हरित ऊर्जा जैसे विषयों को भी प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा की लागत को उस स्तर तक कम किया जाना चाहिए जो प्रत्येक व्यक्ति के उपयोग के लिए उपलब्ध हो।
कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के वरिष्ठ अधिकारी प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, विमानन उद्योग की अनुभवी डॉ. हरप्रीत ए डी सिंह ने विमानन क्षेत्र में हरित प्रथाओं और तकनीकी प्रगति की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।