गुरुग्राम। शहर में निर्धारित स्थान के अलावा यहां-वहां कूड़ा-कचरा डालने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती का मन बना लिया है। शहर को गंदा करने वालों के लिए निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने मंगलवार को कई नियम बनाकर सख्ती का खाका भी तैयार कर दिया। अब आमजन के साथ ही शहर को साफ करने की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसियां और उसके कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सेक्टर-39 स्थित निगम कार्यालय में स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 की तैयारियों के मद्देनजर निगमायुक्त ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि शहर में गदंगी अब बर्दाश्त नहीं होगी। निगम की ओर से निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर कचरा डालने वालों पर कार्रवाई के लिए सहायक सफाई निरीक्षकों के नेतृत्व में सुपरवाईजरों की 9 टीमें गठित की जाएंगी। ये टीमें इधर-उधर कचरा डालने वालों की गाड़ियो को इम्पाउंड करने के साथ ही उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना भी लगाएंगी। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों, सड़कों के आसपास से कचरा उठाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं टीमों की होगी।
निगमायुक्त ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ट्रांसफर स्टेशन पर सेग्रीगेटिड कचरा पहुंचाने के निर्देश भी दिए। अगर कोई भी वाहन बिना सेग्रीगेट किए कचरा डालता है, तो उसका चालान किया जाएगा, चाहे वह वाहन इकोग्रीन एनर्जी का हो या अन्य किसी एजेंसी का। निगमायुक्त ने कहा कि 9 टीमें सार्वजनिक स्थानों, मार्केट क्षेत्रों एवं डस्टबिन की सफाई तथा पॉलीथीन के उपयोग पर भी अंकुश लगाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया की जवाबदेही वरिष्ठ सफाई निरीक्षक ऋषि मलिक की होगी तथा वे प्रतिदिन निगमायुक्त को इस बारे में रिपोर्ट भी देना
कचरा निस्तारण में कोताही करने वाले बैंक्वेट हॉल-होटल होंगे सील :
निगमायुक्त ने बेठक में कहा कि शहर के बैंक्वेट हॉल एवं होटलों को समारोह में ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 की पालना करनी होगी। इसके तहत उन्हें अपने यहां से उत्पन्न होने वाले कचरे का निस्तारण स्वयं करना है। नियमों की अवहेलना पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत भारी जुर्माना करने के साथ ही उक्त बैंक्वेट हॉल या होटल को सील भी किया जा सकता है। जो भी बैंक्वेट हॉल या होटल अपने यहां नियमों की पालना करेंगे, उन्हें नगर निगम की तरफ से सम्मानित भी किया जाएगा। निगमायुक्त ने कहा कि सेक्टर-39 कार्यालय में बृहस्पतिवार तक सेनीटेशन कंट्रोल रूम की स्थापना करने की भी हिदायत दी। इसके लिए उन्होंने डिप्टी म्यूनिसिपल कमिशनर डा. विजयपाल यादव को जिम्मेदारी सौंपी।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में होंगे 7500 अंक
स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में इस बार 6000 की बजाय कुल 7500 अंक होंगे। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस के लिए 3000, सर्टिफिकेशन के लिए 2250 तथा सिटीजन वॉयस के लिए 2250 अंक निर्धारित किए गए हैं। बैठक में संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) हरीओम अत्री, कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण एवं देवेंद्र भड़ाना, स्वच्छता सलाहकार अनिल मेहता, सफाई अधिकारी विजेन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।