- जिला लघु सचिवालय की एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक-दो का होना है निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला लघु सचिवालय के नए भवन के (एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक-दो) निर्माण को सिरे चढ़ाने में जिला प्रशासन जुट गया है। इसके लिए लघु सचिवालय के पास उपयुक्त जमीन चिह्न्ति की जा रही है। इसके बाद अब नए सिरे से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी।
हाल ही में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त राजस्व डाॅ. सुमिता मिश्रा ने गुरुग्राम में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी। इसमेंं उन्होंने लघु सचिवालय परिसर में बनने वाले एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक-दो के लिए प्रस्तावित स्थल को जल्द तय करने को कहा था। इसके बाद राजस्व विभाग की ओर से जमीन तय करने के लिए कार्रवाई चल रही है।
योजना के अनुसार लघु सचिवालय के पास जमीन कम पड़ रही है। ऐसे में अन्य जगह की तलाश की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता चरणदीप सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग से जमीन मिलने के बाद नए सिरे से परियोजना का खाका तैयार कराया जाएगा।
मौजूदा लघु सचिवालय साल 2004 में जिले के प्रशासनिक केंद्र के रूप में खोला गया था। इसमें राजस्व विभाग और शिक्षा विभाग के कार्यालयों के अलावा शहर के शीर्ष अधिकारियों के कार्यालय मौजूद हैं। इस भवन में 24 सरकारी विभागों के कार्यालय हैं।
इसमें जिला उपायुक्त, पुलिस उपायुक्त एसडीएम गुरुग्राम, शिक्षा विभाग, ट्रेजरी, ई-दिशा केंद्र के अलावा रजिस्ट्री संबंधी काम किए जा रहे हैं। यहां सरकारी कार्यालय संबंधी काम कराने के लिए रोज तीन से चार हजार लोग पहुंचते हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने पार्किंग और लोगों के सुविधा के लिए कुछ बदलाव कराया है। इसके लिए पीक एंड ड्राॅप और बस लेन का निर्माण कराया गया है।
पहले की योजना नहीं चढ़ी सिरे
प्रशासन ने लघु सचिवालय के पास ही नया ब्लॉक बनाने की योजना तैयार की थी। इसका डीपीआर तैयार करा लिया गया था। हालांकि बाद में पाया गया कि प्रस्तावित जगह पर दिक्कत आ रही है। ऐसे में इस योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया। पहले की योजना में नई इमारत में 600 से अधिक वाहनों को समायोजित करने के लिए भूमिगत पार्किंग सुविधा विकसित करना था।
प्रस्तावित सात मंजिल और चार-स्तरीय भूमिगत पार्किंग सुविधा विकसित करना था। इसमें एक विशाल लाउंज के साथ विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं के लिए कई काउंटर बनाने थे। हालांकि डिजाइन तैयार कर ली गई थी, पर जमीन के कारण योजना अधर में लटक गई। अब दोबारा से जमीन मिलने के बाद आगे कार्य बढ़ेगा। ब्यूरो