गुरुग्राम। नगर निगम प्रशासन की अनदेखी के कारण लाखों रुपये की मशीनरी कादीपुर सामुदायिक केंद्र में रखे-रखे ही कबाड़ हो गई। वर्ष की शुरुआत में ही मेयर मधु आजाद ने कादीपुर का दौरा कर मशीनें को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। मशीनें अब इस स्थिति में नहीं है कि उसकी मरम्मत कर फिर से उपयोग में लिया जा सके।
बेहतर देखरेख नहीं किए जाने के कारण मशीनें कबाड़ हो गई। सिर्फ भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई के दुुरुपयोग के मामले में भी गुरुग्राम नगर निगम अव्वल है। सरकारी पैसे से खरीदी गई मशीनरी के रखरखाव के मामले में की जा रही लापरवाही को देखकर तो यही कहा जा सकता है। वह चाहे विभिन्न जगहों पर कबाड़ अवस्था में पड़ी मशीनें हो या फिर सेक्टर-29 फायर स्टेशन पर खड़ी साइकिलें हों। लाखों रुपये खर्च कर निगम ने मशीनें खरीदी थी, लेकिन बेहतर रखरखाव नहीं होने से रखे-रखे ही कबाड़ हो गईं या फिर समय से पहले ही इनको उपयोग से बाहर कर दिया गया।
नीलामी भी नहीं करा रहा निगम
नगर निगम गुरुग्राम को धरातल पर काम करते करीब 10 साल ही हुए हैं और इस अवधि में जेटिंग मशीन, सक्शन डंप टैंक समेत अन्य मशीनें जर्जर हो गई। यह सब मशीनें कादीपुर सामुदायिक केंद्र में पड़ी हुई हैं और अब ये पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। नगर निगम की तरफ से न तो इनमें से किसी की मरम्मत कराई जा रही है और न ही इनकी नीलामी की जा रही है। ऐसे में रखे-रखे ही ये मशीनें और जर्जर होती जा रही हैं। इनकी खरीदी पर निगम ने लाखों रुपये खर्च किए थे। इसी तरह स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम की तरफ से खरीदी गई सैकड़ों साइकिलें भी सेक्टर-29 फायर स्टेशन परिसर में रखे-रखे कबाड़ हो गईं।