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मकान खाली कर मां को परेशान करना बंद करें, ट्रिब्यूनल ने बेटी को दिया आदेश, बेटी पर दुर्व्यवहार करने का था आरोप

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गुरुग्राम। अभिभावकों और वरिष्ठ नागरिकों के मामलों की सुनवाई करने वाले जिले के बादशाहपुर क्षेत्र के ट्रिब्यूनल ने मकान खाली न करने व परेशान करने पर वृद्धा द्वारा पुत्री के खिलाफ की गई शिकायत का समाधान करते हुए आदेश दिया हैं कि पुत्री अपनी मां का मकान तुरंत खाली कर उसको परेशान करना बंद करें।
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ट्रिब्यूनल के पदेन सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता बीएस चौधरी ने बताया कि डीएलएफ फेस-2 क्षेत्र की वरिष्ठ नागरिक राज भगत ने अपनी बेटी मधु मालती भगत के खिलाफ ट्रिब्यूनल में शिकायत दी थी कि उसकी बेटी ने उसके मकान के एक फ्लोर पर कब्जा किया हुआ है। बेटे के साथ रहती है तथा उसके साथ दुर्व्यवहार करती रहती है, जिससे वह कई बीमारियों का शिकार भी हो गई है। वृद्धा ने अपनी बेटी से मकान खाली करने के लिए कई बार आग्रह किया, लेकिन वह मकान को उसके नाम ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाती रहती है। साथ में धमकी देती है कि यदि मकान उसके नाम नहीं किया तो वह अपने पुत्र के साथ आत्महत्या कर लेगी और उसके खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज करा देगी। हालांकि, एक मामला वह पहले ही दर्ज करा चुकी है। मकान छोड़ने के बदले वह एक करोड़ रुपये की मांग भी कर रही है। वृद्धा का कहना है कि उसने अपनेपन में अपनी पुत्री को मकान में रखा था, लेकिन वह तो उसे ही मकान से बाहर निकालने के लिए आमादा है। ट्रिब्यूनल ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनी, जबकि पुत्री ने मां द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को नकार दिया। ट्रिब्यूनल ने वृद्धा की शिकायत पर फैसला दिया है कि वृद्धा ही मकान की असली मालिक है और उसकी बेटी उसके साथ दुर्व्यवहार भी करती है, इसलिए पुत्री को आदेश दिया जाता है कि वह अपनी मां का मकान खाली कर उसमें आना-जाना बंद करे। ट्रिब्यूनल के दूसरे पदेन सदस्य अरविंद कुमार अधिवक्ता का कहना है कि ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष बादशाहपुर क्षेत्र के उम मंडलाधीश हैं। उन्होंने ही यह आदेश दिया है। सदस्यों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 के तहत ट्रिब्यूनल का गठन किया हुआ है।
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