बुचड़खानों से निकल रहे केमिकलयुक्त पानी के स्थाई समाधान के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी नगीना।
खंड के जलालपुर गांव के समीप बने मीट फैक्ट्ररी से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी से ग्रामीण परेशान हैं। रविवार को गांव के सरपंच अजीज हुसैन ने मीट फैक्ट्ररी के अधिकारियों संग खेतों का दौरा किया। खेतों में केमिकल युक्त पानी भरा हुआ था जिसमें से बदबू आ रही थी। सरपंच ने बताया की थोड़ी दूरी पर बड़ा तालाब बना हुआ है, जिसके पानी का पशुओं के पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बरसात होने पर फैक्ट्ररी से निकलने वाला केमिकलयुक्त पानी तालाब में गिर जाएगा। जिससे बहुत सारे पशुओं में बीमारी व पशुओं की मौत होने का डर बना हुआ है। सरपंच ने मीट फैक्ट्ररी के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है की केमिकलयुक्त पानी के निकासी के लिए उचित प्रबंध करें। पानी का समाधान न होने पर सड़कों पर उतरकर पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा।
प्रदूषण में केमिकल युक्त पानी से गांव में फैल रही बीमारियां
गांव के लोगों का कहना है कि बूचड़खाने से निकलने वाले प्रदूषण व केमिकलयुक्त पानी से गांव में कई तरह की बीमारियां जन्म ले रही हैं। यही नहीं फैक्ट्ररी से निकलने वाले मलबे को खुले में डालने से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है जो बच्चे व नौजवानों को काट रहे हैं।
बूचड़खाने को बंद कराने के लिए हो चुकी है पंचायत
जलालपुर गांव के समीप बने बूचड़खाने से निकलने वाली बदबू से परेशान होकर गांव के लोगों ने पांच दिन पहले ही पंचायत की थी। जिसमें गांव के सभी जिम्मेदार लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। ग्रामीणों का कहना है कि बूचड़खाने के कारण गांव में नौजवानों के रिश्ते तक नहीं हो रहे हैं। एसडीएम लक्ष्मी नारायण का कहना है कि बूचड़खाने का मामला संज्ञान में है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।