गुरुग्राम। किसान के मुआवजे के 1.37 करोड़ रुपये को फर्जी ट्रांजेक्शन से निकालने वाले मुख्य आरोपी को ट्रांजेक्शन के लिए फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले एक सिम कंपनी के कर्मचारी को मामले में गठित एसआईटी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि वह मुख्य आरोपी को 500 फर्जी सिम बेच चुका था। इस केस में अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले किसान लीला राम को दो साल पहले अपनी जमीन के मुआवजे के रूप मेें मिले 1.37 करोड़ रुपये को प्रवीण मित्तल नाम के व्यक्ति ने सवा सौ से ज्यादा बार फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिया था। इन ट्रांजेक्शनों के लिए सिम उपलब्ध कराने के लिए उसने एयरटेल कंपनी के कर्मी दिनेश शर्मा से सांठ-गांठ की थी।
उसी ने प्रवीण मित्तल को फर्जी सिम उपलब्ध कराईं। एसआईटी ने थाना सेक्टर-37 में आरोपी दिनेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए कहा है कि उन सिम का इस्तेमाल देश के विरुद्घ भी किया जा सकता है। इस पूरे मामले में क्राइम ब्रांच व एसआईटी की जांच के बाद अब तक प्रवीण मित्तल, दिनेश शर्मा सहित सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले में अन्य आरोपी भी सामने आ सकते हैं। जांच की जा रही है, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।