गुरुग्राम। बायोमेडिकल वेस्ट (जैव अपशिष्ट) के उचित निस्तारण को लेकर न सिर्फ निजी अस्पताल बल्कि स्वास्थ्य विभाग व पूरा सरकारी तंत्र भी लापरवाह है। स्थिति यह है कि शहर के दूसरे सबसे बड़े शासकीय स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक ने भी अब तक बायेमोडिकल वेस्ट प्रबंधन की एनओसी नहीं ली है। ऐसे में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने इसे आवेदन न करने वालों (नॉन एप्लिकेंट) की सूची में शामिल करते हुए बायोमेडिकल वेस्ट का उचित प्रबंधन कर एनओसी लेने के लिए नोटिस जारी किया है।
यही वजह है कि सेक्टर-31 पॉलीक्लीनिक परिसर में आए दिन एक तरफ बायोमेडिकल वेस्ट का अंबार देखने को मिलता है। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से उचित व्यवस्था न होने से यहां से निकलने वाले कचरे का भी सामान्य कूड़े की तरह ही निस्तारण होता है या फिर एजेंसियों के भरोसे कचरा निस्तारण किया जाता है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंघौला, भोंडसी जिला जेल, ईएसआईली मॉडल अस्पताल गुरुग्राम, सामान्य अस्पताल, गुड़गांव गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने भी एचएसपीसीबी से बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की एनओसी नहीं ली है।
ये संस्थाएं भी शामिल :
इनके अलावा ईस्ट वेस्ट मेडिकल सेंटर सेक्टर-14, सिटिजन हॉस्पिटल झाड़सा रोड, कृष्णा हॉस्पिटल, दीत्य म ल्टिस्पेशिलिटी क्लीनिक, सेंटर ऑफ डायबिटीज ऐंड अलाइड सांइस, अंसारी, वियान आई ऐंड रेटिना सेंटर, राज हॉस्पिटल, नारायणा मदर चाइल्ड केयर सेंटर, सम्वित हेल्थकेयर, नॉर्थईस्ट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, उम्कल हॉस्पिटल्स, आशीर्वाद नर्सिंग होम, एक्सिस डेंटल प्राइवेट लिमिटेड, रामा हॉस्पिटल ऐंड नर्सिंग होम, एप्पल हॉस्पिटल, सूर्यदीप हॉस्पिटल, स्माइल ऐन शाइन डेंटल केयर, चुघ नर्सिंग होम, कब्लीजी हॉस्पिटल, डॉ. भाटिया मल्टीस्पेशिलिटी डेंटल क्लीनिक, ललित पॉलीक्लीनिक, नरूला हॉस्पिटल, अग्रवाल सेंटर फॉर डायबिटीज ऐंड कैंसर सेंटर, केके हेल्थकेयर सेंटर, हॉस्पिटल, आनंज मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल व माता शीतला हॉस्पिटल ऐंड मैटर्निटी सेंटर शामिल हैं।