गुरुग्राम। दिल्ली-गुरुग्राम की सीमा पर स्थित सरहौल अंडरपास का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिसे दिवाली से पहले शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही 15 अक्तूबर को इसके खोल दिए जाने की घोषणा कर चुके हैं। गडकरी ने पिछले माह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के दौरान लोहटकी में यह घोषणा की थी, जिसके बाद अंडरपास के निर्माण कार्य में और तेजी देखने को मिली।
मौजूदा स्थिति यह है कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंडरपास की सड़क के डामरीकरण का कार्य चल रहा है और वह भी अंतिम चरण में है। केंद्रीय मंत्री की तरफ से उद्घाटन की की समयसीमा घोषित किए जाने के बाद से ही यहां पर दिन-रात काम चल रहा है। इसी क्रम में रविवार को भी कर्मचारी सड़क के डामरीकरण कार्य में जुटे दिखाई दिए।
विकल्प के अभाव में रजोकरी तक का लगता है चक्कर
सरहौल अंडरपास शुरू होने के बाद सरहौल बॉर्डर से वाहनों का दबाव कम होगा और दिल्ली की तरफ लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी। विकल्प न होने के कारण अभी उद्योग विहार की तरफ से एंबिएंस मॉल व डीएलएफ की तरफ जाने वाले वाहनों को सरहौल बॉर्डर से होते हुए दिल्ली के रजोकरी से घूमकर आ ना पड़ता है। इसमें सीधे तौर पर 4-6 किलोमीटर का ज्यादा सफर करना पड़ता है तो शाम के समय इससे सरहौल बॉर्डर पर वाहनों का लंबा जाम भी लगता है। कई बार तो जाम के कारण लंबे समय तक लोग अपने वाहनों में कैद होकर रह जाते हैं। सरहौल अंडरपास शुरू होने के बाद वाहन चालकों को इस समस्या से निजात मिलेगी।
40-60 हजार वाहन चालकों को फायदा
एक अनुमान के मुताबिक सरहौल यूटर्न अंडरपास शुरू होने से रोजाना दिल्ली-गुरुग्राम की तरफ से आने-जाने वाले 40-60 हजार से ज्यादा वाहन चालकों को लाभ मिलेगा। इससे दिल्ली व गुुरुग्राम की पूरी यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर देखने को मिलेगा। यू-टर्न खुल जाने के बाद उद्योग विहार व गुरुग्राम से दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालक आसानी से अंडरपास से होते हुए एंबिएंस मॉल, डीएलएफ, साइबर हब की तरफ अपने गंतव्य की तरफ जा सकेंगे।
18 माह में पूरा होना था निर्माण
सरहौल यू-टर्न अंडरपास का निर्माण नवंबर 2019 में शुरू हुआ था। 18 माह में इसका निर्माण पूरा होना था लेकिन बीच नें कोरोना महामारी व अन्य वजहों से निर्माण में देरी होती रही। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर बने 4 लेन के इस यू-टर्न अंडरपास की कुल लंबाई 377 मीटर है। इसके निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 2021 की शुरुआत में अप्रैल तक इसका निर्माण पूरा होने की संभावना व्यक्त की गई थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
एक साथ शुरू हुए थे दो निर्माण कार्य
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शंकर चौक पर यू-टर्न फ्लाईओवर व सरहौल बार्डर पर यू-टर्न अंडरपास का निर्माण लगभग एक साथ ही शुरू किया था। कोरोना महामारी के कारण दोनों ही कार्य प्रभावित हुए लेकिन शंकर चौक यू-टर्न फ्लाईओवर को पहले शुरू कर दिया गया। वहीं, बारिश व जलभराव के चलते भी सरहौल यू-टर्न अंडरपास निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।
सरहौल पर लगता है लंबा जाम
मौजूदा समय में रोजाना ही सरहौल बॉर्डर पर सुबह से लेकर शाम तक ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिलती है। खासकर सुबह 9 से 11 व शाम को 4 से 9 बजे तक बीच-बीच में सरहौल बॉर्डर पर ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिलती है। गुरुग्राम की तरफ से आने वाले वाहनों को एंबियंस मॉल की तरफ जाने के लिए दिल्ली में रजोकरी बॉर्डर से यू-टर्न लेना पड़ता है, यही जाम की मुख्य वजह है।
सरहौल बॉर्डर यू टर्न अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सड़क के डामरीकरण का काम चल रहा है। इसे जल्द से जल्द शुरू किए जाने का प्रयास है।
- निर्माण जंभूलकर, निदेशक एनएचएआई