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करार समाप्त होने पर भी स्वच्छता सलाहकार बरकरार

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गुरुग्राम। नगर निगम में अनियमितताओं का आलम यह है कि अधिकारी को हटाने के लिए सदन की बैठक में प्रस्ताव पास होता है और निगम प्रशासन उसे नए-नए पद देकर नवाजता है। यहां बतौर स्वच्छता सलाहकार कार्यरत हरभजन सिंह का करार समाप्त हो गया था तो पार्षदों को उम्मीद थी कि अब किसी नए व्यक्ति को कामकाज देकर स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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निगम प्रशासन ने हरभजन सिंह को उनके पद पर यथावत रखा है। शुक्रवार को उन्होंने विभागीय कर्मचारियों के साथ बैठक भी की। वैसे तो सिंह को निगम में स्वच्छता संबंधी कार्यों, पॉलिथीन व प्लास्टिक के प्रति जागरूकता के लिए नियुक्त किया गया था लेकिन वह अपने कार्यकाल के दौरान खासे विवादित रहे और पार्षदों के भी निशाने पर रहे। सिंह पर बिना ऑनलाइन टेंडर निकाले अपनी मर्जी से स्वच्छता एजेंसियों को लगाने का एक बड़ा आरोप लग चुका है।
तो फिर सदन की बैठक का क्या औचित्य
यहां तक कि पिछली 31 जुलाई को निगम के सदन की सामान्य बैठक में भी स्वच्छता की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए पार्षदों ने हरभजन सिंह की नाकामी की बात उठायी थी। इस दौरान पार्षदों ने एक सुर में उन्हें हटाने की मांग की थी, जिसे सदन में स्वीकार भी कर लिया गया था। अब करीब एक माह बीत जाने के बाद भी हरभजन को नगर निगम में यथावत रखा गया है। ऐसे में पार्षदों का कहना है कि जब सदन की बैठक में पास हुए प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही तो फिर बैठक का क्या औचित्य है।
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पार्षद ने जोरशोर से उठाया था मुद्दा
पार्षद अश्वनी शर्मा ने शहर में स्वच्छ भारत मिशन की नाकामी व बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि निगम के नाकारा अधिकारियों-कर्मचारियों के चलते सेक्टर-32 में एक और कूड़े का पहाड़ खड़ा हो रहा है। उन्होेंने हाईवे व झाड़सा के बीच सेक्टर-32 में खाली पड़ी शासकीय जमीन को एक और बंधवाड़ी बनाने का आरोप लगाते हुए नाकारा अधिकारियों की जमकर खिंचाई की थी। अन्य पार्षदों ने भी अश्वनी शर्मा के मुद्दे पर सहमति जताई थी। संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) धीरज कुमार से भी हरभजन सिंह के संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
हमने निगम के सदन की बैठक में बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए हरभजन सिंह को तत्काल बर्खाश्त करने की मांग की थी, जिसे सर्वसम्मति से मान भी लिया गया था लेकिन अब भी हरभजन सिंह पद पर बने हुए हैं। जब सदन की बैठक में उठाए गए मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही तो फिर हम और क्या उम्मीद करें।
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- अश्वनी शर्मा, निगम पार्षद
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