गुरुग्राम। भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल कराने के नाम पर दस लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले की जांच में एक करोड़ तीस लाख रुपये के गोल-माल का मामला सामने आया है। गिरोह के मास्टर माइंड के खाते से 91 लाख रुपया अलग-अलग सात लोगों के खाते में गया है। पुलिस ने दर्ज मामले के दो आरोपी सहित कुल नौ लोगों को 41 ए का नोटिस भेजा है। पुलिस ने नोटिस में गिरफ्तार आरोपी के खाते से गए धन का ब्यौरा लेने के बाद ही अगली कार्रवाई करेगी।
न्यू पालम विहार में रह रहे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के गांव पिप्रया निवासी अंशुल राज ने 24 अगस्त को धोखाधड़ी की शिकायत सेक्टर-50 थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक वर्ष 2016 के दौरान उन्होंने दिल्ली की डेयरडेविल क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन की थी। लगभग दो साल बाद जब वह गोल्डन हाक एकेडमी में प्रैक्टिस कर रहे थे, उसी दौरान दीपक नामक युवक से उनकी मुलाकात हुई थी। उसने बापरोला क्रिकेट एकेडमी के संचालक राज राजपूत से मुलाकात कराई थी।
इस बीच उनकी मुलाकात एक स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े आशुतोष बोरा, चित्रा बोरा, नितिन एवं पुष्कर तिवारी से कराई गई। पहले पूर्वोत्तर राज्य की ओर से क्रिकेट खेलने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये ले लिए गए थे। इसके बाद हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का लेटर दिखाते हुए कहा गया कि उनका चयन हो गया है। लेटर देने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की गई थी ।
पूछताछ के दौरान नौ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं जिनके खाते में पैसे गए हैं या फिर उनकी किसी न किसी रूप में भूमिका रही है। इनमें एक वर्तमान रणजी खिलाड़ी, एक कोच एवं एक पूर्व रणजी खिलाड़ी के नाम शामिल हैं। इसके साथ दो आरोपी है जिनका नाम एफआईआर में दर्ज है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर उमेश के अनुसार मास्टर माइंड आशुतोष बोरा के खाते से एक करोड़-तीस लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। इसमें से 93 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जा रहे हैं। आरोपियों को नोटिस दिया गया है। जांच में शामिल होने के बाद ही अगली तस्वीर साफ हो पायेगी।
सेवादार नितिन के नाम पर भी बना रखी थी कंपनी
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि आशुतोष बोरा पूरे मामले का मास्टर माइंड है। उसकी बहन चित्रा बोरा इस मामले में उसका पूरा साथ देती थी। उसके पास नितिन झा सेवादार के रूप में काम करता था। आशुतोष ने अपने पालम विहार के घर के पते पर एक कंपनी उसके नाम से बना रखी थी। जिसका लेन-देन व खुद करता था।
मोबाइल पर जान से मारने की दी थी धमकी
पुलिस धोखाधड़ी के मामले की छानबीन कर रही थी। इसी दौरान मास्टर माइंड ने अंशुल के दोस्त को फोन कर मुकदमा वापस लेने की बात की। जिस पर उसने जान से मारने की धमकी दी। जांच के दौरान यह आडियो पुलिस को दिया गया। पुलिस ने उस आडियो के आधार पर जान से मारने की धमकी देने की धारा और जोड़ दी है।