मुआवजे के रूप में मिली थी ग्राम पंचायत को राशि
जिला उपायुक्त की जांच में तत्कालीन व वर्तमान सरपंचों सहित अधिकारी व एचएसआईआईडीसी पदाधिकारियों की भूमिका आई सामने
सरपंच निलंबित, पुलिस कार्रवाई के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/पुन्हाना। नूंह जिले की ग्राम पंचायत रोजका मेव में करीब 25 करोड़ रुपये की राशि को गबन करने का बड़ा मामला सामने आया है। इस खुलासे से कई विभागों में हड़कंप मच गया है। सीएम विंडो में दी शिकायत के बाद जिला उपायुक्त के आदेश पर हुई जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में पूर्व और वर्तमान सरपंचों सहित ग्राम पंचायत को करोड़ों रुपये की मुआवजा राशि जारी करने वाली एजेंसी एचएसआईआईडीसी के पदाधिकारी, बैंक अधिकारी सहित जिला राजस्व विभाग की भूमिका सामने आई है। जिसको लेकर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। साथ ही वर्तमान सरपंच को निलंबित करने के साथ-साथ तत्कालीन सरपंचों सहित नूंह एसडीएम को सभी से 21 फीसदी ब्याज सहित राशि वसूलने का आदेश भी जारी किया है।
नूंह जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत रोजका मेव को एचएसआईआईडीसी से 24 करोड़, 27 लाख, 90 हजार 726 रुपये की राशि मुआवजे के रूप में मिली थी। तत्कालीन सरपंच ने एचएसआईआईडीसी राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी और बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर नियमों को दरकिनार कर करते हुए व्यक्तिगत रूप से गुरुग्राम झाड़सा की यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा में ग्राम पंचायत का अलग खाता खुलवाया। जबकि पंचायत खंड कार्यालय से कोई अनुमति नहीं ली। इसके बाद तत्कालीन सरपंच रमजान, उसके बाद सरपंच बनी महिला खातूनी द्वारा समय-समय पर अलग-अलग खातों में और फार्मों में मुआवजा राशि को भेजा गया। साथ ही कुछ राशि को स्वयं के द्वारा भी निकाल लिया गया। बीते अक्तूबर माह में ही इस मामले को लेकर सीएम विंडो के माध्यम से एक शिकायत सामने आई। जिसकी जांच इंडरी खंड बीडीपीओ के माध्यम से कराई गई तो सामने आया कि पूर्व सरपंचों व वर्तमान दीन मोहम्मद द्वारा भी अपना पदभार संभालने के बाद इन खातों के संबंध में खंड कार्यालय को जानकारी नहीं दी गई। कई बार पत्राचार भी किया गया। संबंधित जांच अधिकारी द्वारा गबन की गई करोड़ों रुपये की राशि के मामले में संबंधित ग्राम सचिवों से भी पत्राचार किया, जिन्होंने जवाब में बताया कि ग्राम पंचायत के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया झाड़सा गुरुग्राम में स्थित खाता की जानकारी नहीं थी। इस जांच में खास बात यह सामने आई की करोड़ों रुपये के रूप में मुआवजा राशि जारी करने वाली एजेंसी एचएसआईडीसी तथा जिला राजस्व कार्यालय द्वारा भी खंड कार्यालय को सूचना नहीं देकर सीधे तौर पर तत्कालीन सरपंच रमजान के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर ही इतनी राशि को सीधे वर्णित खाते में जारी करवा दिया गया।
रॉयल्टी राशि के संबंध में कोई भी रिकॉर्ड पंचायत में नहीं मिला। क्योंकि उक्त राशि के संबंध में ना तो खंड कार्यालय और न ही संबंधित सचिवों के संज्ञान में लाया गया था और बड़े गबन को सीधे बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से ही अंजाम दे दिया गया। जिला उपायुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इंडरी को निर्देश दिए गए हैं कि ग्राम पंचायत रोजका मेव में उक्त राशि के गबन में संबंधित ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच रमजान, महिला सरपंच खातूनी व वर्तमान सरपंच दिन मोहम्मद, तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी नूंह एचएसआईआईडीसी और बैंक के संलिप्त अधिकारी और कर्मचारियों की पासबुकों में दर्ज सभी फर्मों, व्यक्तिगत खातों के विरुद्ध जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। साथ ही बताया गया कि मौजूदा सरपंच दीन मोहम्मद को जांच में सहयोग न करने, रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने और गबन में मिली भगत की आशंका के आधार पर निलंबित भी किया गया है। ग्राम पंचायत रोज का मेव में करीब 25 करोड़ रुपये के घोटाले सामने आने के बाद कई विभागों में हड़कंप मच गया है। यह मामला वर्ष 2016 का बताया गया है।