जीएमआरएल मेट्रो स्टेशनों के आसपास जमीन चाहती है ताकि कामर्शियल उपयोग किया जा सके
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) मेट्रो स्टेशनों के पास जमीन लेकर उस पर मॉल, ऑफिस आदि बनाकर अपने राजस्व में बढ़ोत्तरी करने की योजना पर काम कर रही। इसके लिए जीएमआरएल सरकार से जमीन की मांग करेगी। जीएमआरएल के अनुसार केवल टिकट बिक्री से संचालन, रखरखाव और विस्तार की सभी लागत पूरी नहीं होती। ऐसे अतिरिक्त राजस्व वाणिज्यिक विकास के जरिये उत्पन्न किया जा सकता है। मेट्रो स्टेशनों के नामकरण अधिकार जैसे उपायों से आय का स्रोत बढ़ता है
जीएमआएल के अनुसार जब भी मेट्रो बनती है, उसके आस-पास की संपत्तियों के दाम बढ़ जाता हैं। जीएमआरएल इस मूल्य वृद्धि से लाभ उठाना चाहता है, मेट्रो स्टेशनों के पास भूमि लेकर उस पर मॉल, ऑफिस आदि बना सकता है या किराये पर दे सकता है। जीएमआएल स्टेशनों के भीतर दुकानें, नामकरण अधिकार जैसे उपायों से आय का स्रोत मिलता है। ऐसे में जीएमआरएल हरियाणा सरकार से मेट्रो कॉरिडोर के पास जमीन आवंटित करने का अनुरोध करेगा। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में यात्रियों की संख्या और राजस्व बढ़ाने को लेकर कई कदम उठा रहा है। इसमें स्टेशनों के विकास, स्टेशन के नामकरण अधिकार, विज्ञापन और आवासीय-कामर्शियल क्षेत्रों के लिए बेहतर जुड़ाव उपलब्ध कराना समेत अन्य कदम शामिल हैं।
बता दें कि जीएमआरएल की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.50 किलोमीटर मेट्रो कॉरिडोर पर काम चल रहा है। जीएमआरएल रूट पर यात्रियों की संख्या और राजस्व बढ़ाने पर काम कर रहा है। जीएमआरएल और उसके स्टॉक होल्डर के बीच मार्च में अहम बैठक हुई थी। इसमें मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो कनेक्टिविटी के कार्यान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। संशोधित हरियाणा ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति 2016 के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी लाइन (टीओडी जोन) के दोनों ओर 800 मीटर का प्रभाव क्षेत्र निर्धारित किया है।