गुरुग्राम। पीलीभीत कोतवाली में अदालत के आदेश पर दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच करने डीएलएफ के फेज-तीन के नाथूपुर पहुंची पुलिस टीम को देखकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके ले जाना चाहती थी लेकिन मौके पर कई वकील तथा लोगों के विरोध के कारण पुलिस आरोपी को नहीं ले जा सकी। ऐसे में पीलीभीत से आई पुलिस टीम को 41ए का नोटिस जारी करके वापस लौटना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, पीलीभीत के कारोबारी राहुल सक्सेना ने गुरुग्राम की ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग कंपनी से संपर्क कर 13 लाख रुपये गंवा दिए थे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को कंपनी के खिलाफ शिकायत दी मगर सुनवाई नहीं हुई। बाद में 156(3) के तहत अदालत से एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हुए। उसी के आधार पर पीलीभीत कोतवाली में दीपक धनकड़, मोनिका धनकड़, महिपाल, आशीष, रक्षित व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ।
इस मामले की जांच के चलते एसआई मोहित कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गुरुग्राम आई। पुलिस टीम ने सबसे पहले सेक्टर चालीस थाना क्षेत्र में रहने वाले दो आरोपियों को 41ए का नोटिस दिया। उसके बाद यूपी पुलिस की टीम डीएलएफ फेज-तीन थाने पहुंची। जहां पर स्थानीय पुलिस को लेकर नाथूपुर गांव के एक आरोपी आशू के घर गई जहां पर उनके परिवार की ओर से विरोध किया गया। सूत्र बताते हैं कि टीम वापस थाने पहुंची, जहां पर दो वकील भी पहुंचे। उसके बाद आरोपियों को पुलिस ने नोटिस जारी किया है। 15 दिन के भीतर आरोपियों को जांच में शामिल होकर अपना पक्ष रखना है।
आरोपी आईटी हब के आसपास के रहने वाले
पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करके गोल्ड ट्रेडिंग कंपनी बनाई। इसके सभी आरोपी आईटी हब के आस-पास के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनके मोबाइल नंबर व इंटरनेट से मिली डिटेल के आधार पर इनकी पहचान की गई है। जांच में जो सवाल अब तक सामने आया है उसी का जवाब देना है।
गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 13 लाख की ठगी के दर्ज मामले में आरोपियों को नोटिस दिया गया है। 15 दिन के भीतर आरोपियों को इसका जवाब देना होगा। नोटिस का जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
-मोहित कुमार, एसआई, शहर कोतवाली, पीलीभीत