मेवात एसआईटी ने एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया
फर्जी कागजात से करीब 2200 लाइसेंस बनाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/पलवल। पलवल में हैवी लाइसेंस बनाने में बड़े घोटाले को लेकर जांच कर रही एसआईटी टीम डीआईटीएस की जूनियर प्रोग्रामर बबिता को गिरफ्तार किया है। आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में आरोपी से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बता दें कि पलवल परिवहन प्राधिकरण सचिव कार्यालय में हुए हैवी ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में फर्जी कागजातों के जरिए करीब 2200 लाइसेंस बनाए गए थे। सरकार ने नूंह पुलिस कप्तान की अध्यक्षता में एक एसआईटी टीम गठित कर जांच सौंप दी थी। एसआईटी में नूंह पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारनिया के अलावा पुन्हाना के डीएसपी अशोक कुमार, दो इंस्पेक्टर और साइबर सेल इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। इस घोटाले में एसआईटी ने रविवार को आरोपी और डीआईटीएस में जूनियर प्रोग्रामर बबिता को गिरफ्तार कर अदालत से पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया।
डीएसपी अशोक कुमार ने बताया कि फर्जी कागजात से करीब 2200 लाइसेंस बनाए गए। फर्जी लाइसेंस मामले में करोड़ों रुपये लिए गए। यह राशि डीआईटीएस और पलवल परिवहन प्राधिकरण के कर्मचारियों व अधिकारियों में बांटी जाती थी। लाइसेंस बनवाने वाले प्रत्येक लाइसेंस पर एक से दो लाख रुपये तक लेते थे। घोटाले की तह तक जाने के लिए नूंह पुलिस बड़े अधिकारियों को भी पूछताछ में शामिल कर सकती है। अभी तक पुलिस एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।