गुरुग्राम। गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू हुई प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत ) से पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का काम जिले में बेहद मंद गति से चल रहा है। स्थिति यह है कि एक साल में लाभार्थियों के मुकाबले महज 2 फीसदी लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बन सके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 31 दिसंबर 2020 तक जिले में योजना के तहत पात्र लोगों में से कुल 85994 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके थे, जबकि अब एक साल बाद कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 92938 तक ही पहुंची है। ऐसे में पिछले एक साल में महज 6944 लोगों के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। जिले में 3,58,601 लोग ऐेसे हैं, जो योजना के तहत कार्ड बनवाने के पात्र हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अब तक जिले में 35 निजी अस्पताल योजना से जुड़ चुके हैं जबकि 5 निजी अस्पताल पाइपलाइन में हैं। इनके भी इसी साल योजना से जुड़ जाने की संभावना है।
नोडल अधिकारी का बयान
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों में से 70 मरीजों ने ही इलाज कराया। वहीं, अब तक जिले में 7510 मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी व सरकारी अस्पतालों में इलाज हो चुका है। इसमें दूसरे राज्यों के वह लोग भी शामिल हैं, जो रोजगार व अन्य वजहों से जिले में रह रहे हैं।
- डॉ. नरेश गर्ग, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना।