गुरुग्राम। करीब 40 लाख की आबादी वाले जिले के सबसे बड़े नागरिक अस्पताल सेक्टर-10 में इन दिनों जहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं पुराने नागरिक अस्पताल के जर्जर भवन को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के काम में एमआरआई व सिटी स्कैन बाधा बने हुए हैं। हालांकि भवन का कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इन दोनों सेंटरों के काम की वजह से इसको गिराने का काम रोक दिया गया है।
नए भवन का निर्माण कब तक पूरा होगा, यह लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों को भी नहीं पता। उनका कहना है कि इस बारे में उच्च स्तर पर ही योजनाएं बनती हैं। निर्देश के आधार पर ही काम होता है। नए नागरिक अस्पताल के निर्माण के यह हालात तब हैं जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल इसे खुद ही प्राथमिकताओं में बता चुके हैं। इमारत जर्जर होने के चलते करीब तीन साल पहले सिविल लाइंस स्थित नागरिक अस्पताल को सेक्टर-10 में शिफ्ट कर दिया गया था। तब से अब तक अस्पताल के नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया ही चल रही है।
मरीजों को होती है परेशानी
सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में पर्याप्त जगह न होने के चलते एमआरआई व सीटी स्कैन सेंटर अब भी सिविल लाइंस स्थित पुराने अस्पताल परिसर में संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को सिविल लाइंस आना पड़ता है। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय भी अस्पताल से अलग सेक्टर-39 में स्थापित किया गया है, जिसके चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बारे में भी सीएमओ भी कम ही आते हैं।
ईएसआई में भी सुविधा का अभाव
सेक्टर-9 ए में चल रहे ईएसआई अस्पताल में भी पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कोरोना काल में उसे कोविड अस्पताल बना दिया गया था, जिसके बाद से ही मरीजों की दूरी बनी हुई है। सिविल लाइंस स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में दवाएं व परामर्श लेने वाले मरीजों के पास नागरिक अस्पताल इलाज का एक बेहतर विकल्प था।
अस्पताल परिसर में ही जलाया जाता है कूड़ा
पुराने नागरिक अस्पताल के कर्मचारी कूड़े-कचरे को परिसर में ही जला रहे हैं। उन्हें प्रदूषण की कोई परवाह नहीं है, तो जिम्मेदार अधिकारी भी इस बारे में निर्देशित नहीं कर रहे हैं। सोमवार को पुराने नागरिक अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर कूड़ा जलाया गया। कर्मचारी ने बताया कि मच्छर ज्यादा पनप रहे हैं, जिनको रोकने के लिए कूड़ा जलाया जा रहा है।
वर्जन-
नागरिक अस्पताल की पुरानी इमारत के ध्वस्तीकरण का काम चल रहा है। ध्वस्तीकरण कब तक चलेगा, नए भवन का निर्माण कब तक पूरा होगा, यह उच्चाधिकारी ही बता पाएंगे। - संदीप सिंह, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग