गुरुग्राम। नेहरू स्टेडियम में पेड़ों के नीचे बैठकर अपने मैच का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों के चेहरे पर रौनक नहीं थी। आंखों में नींद भरी थी, पूछने पर बताया कि रातभर मच्छरों ने सोने नहीं दिया, गद्दे नहीं थे, दरी पर लेटना पड़ा, सारी रातें करवटें बदलते निकल गई है, अब मैच कैसे खेलें। दूसरे ने बताया कि दिन में भी चैन नहीं है, स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए लगाए गए मोबाइल टॉयलेटों में पानी नहीं है, शौच के लिए स्टेडियम से बाहर जाना पड़ रहा है।
खेलों में देश भर में अव्वल रहने वाले हरियाणा की खुद की प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में असुविधाओं का आलम आश्चर्यचकित कर रहा है। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता से ही चयनित खिलाड़ी खेलो इंडिया के लिए प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, लेकिन असुविधाओं के कारण शत प्रतिशत नहीं दे पर रहे हैं। प्रतियोगिता में गुरुग्राम के हिस्से में चार खेल कबड्डी, कुश्ती, तैराकी व हैंडबॉल की मेजबानी आई है। आरोप है कि इसके लिए प्रदेश भर के जिलों से आए एक हजार से ज्यादा खिलाड़ियों के लिए यहां के प्रशासन ने न तो सही से रहने की व्यवस्था की है और न ही इनके सोने के उचित प्रबंध किए हैं। खिलाड़ी प्रतियोगिता शुरू होने के बाद अब तक दो रातें टेंट की चादरों पर गुजार चुके हैं। मच्छरों से बचाव के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किए गए हैं।
नगर निगम को करनी थी पानी की व्यवस्था
मोबाइल टॉयलेटों के लिए पानी की व्यवस्था नगर निगम के हिस्से में है, इन टॉयलेटों के लिए तीन दिन से पानी क्यों नहीं पहुंचाया गया जब इसके लिए नगर निगम में सेनेटरी इंस्पेक्टर मलिक से जानकारी लेनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
खाने की व्यवस्था सही
सभी असुविधाओं के बीच खिलाड़ियों का कहना है कि खाने की व्यवस्था सही है। समय पर नाश्ता, दोपहर व रात का खाना दिया जा रहा है। नाश्ता में दूध व केले आदि भी दिए जा रहे हैैं। लाउड स्पीकर पर भोजन के लिए सभी खिलाड़ियों को सूचित किया जाता है।
मच्छरों ने पूरी रात सोने नहीं दिया, अब पानीपत की टीम के साथ मैच है, ऐसे में मैच जीतना मुश्किल होगा
हिमांशू, कबड्डी खिलाड़ी, रोहतक
जहां सोने की व्यवस्था थी, वहां खाली दरी डाल दी गईं थी, इन्हें देख कई खिलाड़ी अपने परिचितों के यहां चले गए
हितेश, कबड्डी खिलाड़ी, झज्जर
खिलाड़ियों के लिए शुक्रवार को गद्दे डलवा दिए गए हैं, अब किसी को भी दरी पर नहीं सोना पड़ेगा, मोबाइल टॉयलेटों में पानी की व्यवस्था नगर निगम को करनी थी, पानी क्यों नहीं आया वही बता सकेंगे।
जेजी बनर्जी, जिला खेल अधिकारी, गुरुग्राम