गुरुग्राम। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में नकली दवा बेचने वालों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। जिला औषधि विभाग ने शहर में नकली दवाइयों की बिक्री की शिकायत पर शनिवार को कार्रवाई की। उसके तत्काल बाद विभाग ने संदिग्ध दवा के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं और विक्रेताओं को चेतावनी दी है। औषधि विभाग की टीम ने ड्रग कंट्रोलर मनदीप सिंह मान के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे डीएलएफ के कई मेडिकल स्टोरों पर दबिश दी। इसकी शुरुआत सिंह फार्मेसी से की गई। पहली ही दुकान पर टीम को बड़े पैमाने पर कम गुणवत्ता वाली दवाइयां मिली। दवाओं को सील कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला औषधि अधिकारी मनदीप सिंह मान ने बताया कि सूत्रों से जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्हें सूचना मिली थी कि डीएलएफ स्थित सिंह फार्मेसी सहित कुछ मेडिकल स्टोर पर कम गुणवत्ता की दवाइयां बेची जा रही है। उन्होंने अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम का गठन कर कार्रवाई की।
बिल जरूर लें उपभोक्ता
मान ने कहा कि जब भी किसी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदें तो उसका बिल अवश्य लें। बगैर बिल के कम गुणवत्ता और नकली दवा लोगों को थमा दी जाती है। उन्होंने दवा विक्रेताओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि केवल प्रमाणित कंपनी के अधिकृत डीलर से ही बिल पर दवा मंगा कर बेचें। किस भी स्टोर पर कम गुणवत्ता की दवाइयां पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।