डीएसपी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि डोनर को दो लाख दिया जाता था, जबकि जिसे किडनी प्रत्यारोपित की जाती थी, उससे गिरोह दस से 20 लाख रुपये तक वसूलते थे। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. पवन चौधरी ने बताया कि सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि सेक्टर-39 के एक होटल में किडनी प्रत्यारोपण रैकेट से जुड़े कुछ लोग ठहरे हुए हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग के डीएमएस डॉ. मनीष राठी, सर्जन डॉ. विवेक व सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर धर्मवीर, एसआई मदन, एएसआई अशोक की टीम ने सेक्टर-39 स्थित बाबिल पैलेस गेस्ट हाउस में दबिश दी।
गेस्ट हाउस में बांग्लादेश मूल का मोहम्मद शमीम नाम का युवक मिला। पूछताछ में पता चला कि उसकी किडनी जयपुर फोर्टिस अस्पताल में निकाली गई थी। इसके लिए उसे दो लाख रुपये दिए गए। फिलहाल उसे गेस्ट हाउस में डे केयर दिया जा रहा था। टीम ने गेस्ट हाउस से ही दो अन्य लोगों इस्लाम नरुल और एमडी हसनुल को भी हिरासत में लिया है। इन सभी के पासपोर्ट पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। फिलहाल सभी को गेस्टहाउस में ही नजरबंद किया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने रैकेट संचालक सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व मानव अंग तस्करी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
बांग्लादेश, रांची, जयपुर और गुरुग्राम से जुड़े हैं रैकेट के तार
रैकेट के तार बांग्लादेश से लेकर कोलकाता, रांची, गुरुग्राम के साथ ही जयपुर से जुड़े हुए हैं। बांग्लादेश से मरीज और डोनर दोनों को मेडिकल वीजा के सहारे कोलकाता लाया जाता था। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम के एक गेस्ट हाउस में ठहराया जाता था। यहां से जयपुर के एक अस्पताल में उन्हें भेज दिया जाता था। किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद दोनों को फिर से गुरुग्राम स्थित गेस्ट हाउस में लाकर रखा जाता था।
किडनी लेने और देने वालों के बीच कोई ब्लड रिलेशन नहीं
गिरोह का संचालन करने वाला मुख्य आरोपी मो. मुर्तजा अंसारी सहित अन्य फरार हैं। जयपुर के फोर्टिस अस्पताल की मिलीभगत की जानकारी मिली है। किडनी लेने और देने वालों के बीच कोई ब्लड रिलेशन नहीं है। करीब ढाई साल से यह रैकेट चलाया जा रहा था। 100 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट कराए जाने की आशंका है। सदर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। - इंद्रजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, गुरुग्राम