गुरुग्राम। वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रहे खेड़कीदौला टोल प्लाजा को हटाने की औपचारिकताएं शुरू हो गई हैं। इसे हटाने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा, लिहाजा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से पत्राचार आरंभ कर दिया है। पिछले दिनों सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने टोल को शिफ्ट करने की बजाय हटाने का एलान किया था। उसके बाद से ही एनएचएआई और सड़क एवं परिवहन मंत्रालय इसकी तैयारियों में लगा है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी 15 अगस्त तक टोल हटाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी रूप से यह इस साल के अंत तक ही संभव लग रहा है। गडकरी के अनुसार द्वारका एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होने और इसके चालू होने के बाद यहां वाहनों से टोल वसूली बंद कर दी जाएगी, लेकिन एनएचएआई के अधिकारी द्वारका एक्सप्रेस वे का निर्माण साल के अंत तक पूरा होने का अनुमान लगा रहे हैं।
इसके पीछे कोविड, प्रदूषण और कुछ तकनीकी खामियों को कारण बताया जा रहा है। एनएचएआई इसके निर्माण की समय सीमा नवंबर या दिसंबर महीने में तय कर चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार द्वारका एक्सप्रेस वे परियोजना महत्वपूर्ण भी है और महत्वाकांक्षी भी, इसलिए इसमें थोड़ी सी जल्दबाजी भारी पड़ सकती है। यह खास तरह का एक्सप्रेस-वे है, इसलिए इसके निर्माण में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। लापरवाही के चलते पहले भी इसके दो निर्माणाधीन स्लैब गिर गए थे। अब दोबारा ऐसी नौबत न आए, लिहाजा पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ इसके निर्माण की बारीकियों की जांच की जा रही है।
हर कोई है टोल से परेशान
खेड़की दौला टोल पर बेवजह जाम लगने से हर कोई परेशान है। रेवाड़ी, धारूहेड़ा या जयपुर की ओर आने-जाने वाले दैनिक यात्री रोज सुबह-शाम यहां दिक्कतें झेलते हैं। इनके साथ ही आईएमटी मानेसर के उद्योगों में काम करने वाले यहां के जाम से खासे परेशान हैं। पिछले दिनों मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन की ओर से 10 हजार लोगों के हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और गडकरी को भेजा गया है। जिसमें टोल को शिफ्ट करने की मांग की गई थी। एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी के मुताबिक पत्र भेजने के बाद उन्हें पता चला कि इसे यहां से हटाया जा रहा है। इससे इंडस्ट्री को बड़े नुकसान से बचाया जा सकेगा। सबसे अधिक नुकसान मानेसर इंडस्ट्रीज और यहां रहने वाले लोगों को हो रहा है। मानेसर आईएमटी में अधिकांश कंपनियां हीरो, मारुति की वेंडर कंपनियां है। ऐसे में कपनियों की गाड़ियों का दिन भर गुरुग्राम-मानेसर के बीच आवागमन लगा रहता है। जाम के कारण कई बार माल समय पर नहीं पहुंच पाता।