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.. गतिरोध : जल संकट : पर्याप्त जलापूर्ति का दावा मगर नहीं आ रहा नल में पानी

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गर्मी शुरू होते ही दर्जन भर सोसाइटियों में शुरू हुई पानी की किल्लत, दावा पर्याप्त जलापूर्ति का, फिर भी सूखे हैं नल
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गुरुग्राम के अधिकारियों का दावा है कि पानी कम नहीं है मगर शहर की दर्जन भर सोसाइटियों में कॉलोनियों में रहने वाले लोग पानी की कम आपूर्ति को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई कालोनियों में तो सिर्फ पांच मिनट ही पानी की सप्लाई होती है।
नगर निगम के दायरे में आने वाले मनोहर नगर में सीवर लाइन डाली तो पानी की लाइन से पानी आना रुक गया। लोग 15 दिन से परेशान हैं, निगम से आश्वासन मिला है, मगर पूरी आपूर्ति शुरू नहीं हुई। गुरुग्राम में सुशांत लोक वन में पानी की किल्लत है। दस लाख क्षमता का टैंक एक साल से बना हुआ है। इसके बावजूद मेन लाइन से जोड़ा नहीं गया। लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। बिल्डर लाइसेंस एरिया में लोग बिल्डर को दोषी ठहरा रहे हैं। बिल्डर जीएमडीए की जलापूर्ति को कम बता रहे हैं, तो जीएमडीए के अधिकारी बिल्डर की गलती और उनकी राजनीति को दोषी ठहरा रहे हैं। इन सबके बीच आम आदमी पानी के लिए परेशान हो रहा है और पानी टैंकर वालों की चांदी है।
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मात्र बीस मिनट आता है पानी
लगभग 550 एकड़ में सेक्टर 55, 56 और 57 का इलाका समेटे सुशांत लोक टू, थ्री में पानी बहुत कम आ रहा है। यह प्लॉटेड बिल्डर लाइसेंस एरिया है। यहां एक हाईराइज बिल्डिंग हारमनी होम्स ही है, बाकी प्लॉट वाले घर हैं। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि जोगेंदर सिंह बताते हैं कि यहां आधा दर्जन ट्यूबवेल की मदद से जलापूर्ति होती है। पहले 75 प्रतिशत पानी टयूबवेल से और 25 प्रतिशत पानी जीएमडीए के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आता है। अब यह अनुपात 50:50 का हो गया है, लेकिन बिल्डर की शिकायत है कि जीएमडीए का नहरी पानी काफी कम आ रहा है।
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लोगों ने कहा कि हमें काफी परेशानी हो रही है। पहले सुबह शाम एक-एक घंटे पानी आता था, अभी बमुश्किल 20 मिनट पानी आता है।
- सर्वेश माथुर, सुशांत लोक टू एफ ब्लॉक
ऊपर के फ्लोर तक पानी पहुंच नहीं पाता। हमें काफी परेशानी हो रही है। गर्मी का मौसम है पेड़ पौधों को सींचना तो दूर की बात है रोज की जरूरत के लिए भी पानी नहीं है। - रीना धीमान , सुशांत लोक टू
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सुशांत लोक वन के लोग परेशान
सुशांतलोक वन के कुछ हिस्सों में लोग पानी को लेकर बहुत ज्यादा परेशान हैं। यहां सी ब्लॉक में 400 की लाइन, 700 की लाइन में पानी बहुत कम आ रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विष्णु खन्ना के अनुसार अंडर ग्राउंड टैंक को मेन लाइन से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, दो-तीन दिन में हल निकल जाएगा। यहां हर साल लोगों को पानी की दिक्कत आती है। लोगों का कहना है कि इलाके के कुछ लोगों ने टैंकर का धंधा शुरू कर दिया है।
अधिकारी बोले:
गर्मी में पानी की जरूरत ज्यादा होती है। हमारी ओर से जरूरत के मुताबिक पूरा पानी दिया जा रहा है। अपने पास दोनों चंदू और बसई के दो ट्रीटमेंट प्लांट में 570 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता है। अभी करीब 510 से 515 मिलियन लीटर पानी की प्रतिदिन आपूर्ति की जा रही है। पानी की समस्या पर प्रदर्शन जमीनी कम, राजनीतिक ज्यादा है। जहां आरडब्ल्यूए चुनाव होने वाले हैं, वहां पानी की किल्लत दिखाई जा रही है। एक वजह यह भी है, जहां पहले से पानी की जरूरत, एक मंजिल घर की बताई गई थी, वहां चार मंजिला घर बन गए हैं। कुछ लोग अंडर ग्राउंड टैंक के बजाए सीधे ऊपर के टैंक पर मोटर से पानी भरने लगते हैैं, जिससे दूसरे घरों में पानी नहीं पहुंच पाता।
- प्रदीप कुमार, मुख्य अभियंता, जीएमडीए
आरडी सिटी में आने लगा पानी
पिछले दिनों आरडी सिटी में लोग टैंकरों के सहारे चल रहे थे। लोगों ने अपनी बात मीडिया और प्रशासन तक पहुंचाई। करीब 12 हजार की आबादी बूंद-बूंद जल को तरस गई थी। जीएमडीए प्रमुख सुधीर राजपाल ने अपनी टीम भेजी। टीम ने जांच की तो पता चला कि बिल्डर मोटर नहीं चलाते। इससे लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। यहां 10 लाख लीटर की क्षमता के दो ओवर हेड टैंक हैं। इसी प्रकार 15 लाख लीटर की क्षमता के दो अंडरग्राउंड टैंक हैं। पहले अंडरग्राउंड टैंक में पानी जमा होता है फिर उसे ओवरहेड टैंक में लिफ्ट किया जाता है। तब वह लोगों के घरों में सप्लाई होता है।
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ऐसे निकला हल
बिल्डर ने मोटर चलाने पर रोक लगा रखी थी और लोग परेशान थे। हमारे यहां 25 लाख लीटर पानी की क्षमता थी मगर हमें टैंकर का सहारा लेना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों ने हंगामा किया, जीएमडीए ने बिल्डर को चेतावनी दी तो पानी आने लगा।
- प्रवीण यादव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष आरडी सिटी
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