गुरुग्राम। एनएसजी में कंस्ट्रक्शन का काम दिलाने के नाम 126 करोड़ की ठगी के मामले में एसआईटी ने 12 हजार पेज की पहली चार्जशीट चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शिवानी की अदालत में दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट से पता चलता है कि आरोपियों और पीड़ित को मिलाने वाले बिचौलिए को ही इस डील के लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपये बतौर कमीशन मिले थे। एसआईटी की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट में डिप्टी कमांडेंट व उसकी बहन की ओर से खोले गए खाते की मिलीभगत के बारे में लिखा गया है। जनवरी माह में मनीष इसरानी ने मानेसर थाना पुलिस को बताया था कि एनएसजी में तैनात रह चुके डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव ने उसके साथ कंस्ट्रक्शन का काम दिलाने के नाम पर ठगी की है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच एसआईटी को सौंपी। एसआईटी के गठन के बाद चार अन्य शिकायत आने के बाद मामला दर्ज हुआ था। एसआईटी की ओर से मामले की जांच के बाद आरोपी डिप्टी कमांडेंट प्रवीण यादव, पत्नी ममता यादव, बहन रितुराज व बहनोई नवीन के साथ उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
एसआईटी की ओर से दाखिल चार्जशीट में इस बात का खुलासा किया गया है कि मनीष इसरानी को प्रवीण से मिलाने वाला दिनेश है। इस काम के लिए दिनेश को साढ़े चार करोड़ का कमीशन मिला था। कमीशन के इस पैसे से उसने प्रॉपर्टी खरीदी थी, जिसको मुकदमे से अटैच कर दिया गया है। एसआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर मदन का कहना है कि पहली चार्जशीट दाखिल हो गई है। दूसरी चार्जशीट भी जल्द दाखिल की जाएगी।
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18 करोड़ की प्रॉपर्टी, 12 करोड़ कैश ...पुलिस ने किया है अटैच
एसआईटी की ओर से हुई छानबीन के दौरान आरोपियों से लगभग 18 करोड़ की प्रॉपर्टी व 12 करोड़ से अधिक कैश बरामद किया गया है। जिसे पुलिस ने अटैच कर दिया है। इसमें बिचौलिए दिनेश की कमीशन से खरीदी गई प्रॉपर्टी भी शामिल है। इसके साथ ही मानेसर सीआईए की टीम ने जिरकपुर के एक फ्लैट से आरोपी डिप्टी कमांडेंट व उसकी परिवार वालों को 12 करोड़ की नकदी के साथ दबोचा था। एसआईटी को जिस पैसे के बारे में जानकारी मिली है कि वह सब शेयर कारोबार में डूब गया है।