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जिंदगी से तंग हूं, मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं

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गुरुग्राम। चार दिन पहले पत्नी विमलेश से रिटायर्ड फौजी राव राय सिंह की मुलाकात में ऐसा क्या हुआ? जिसकेेे बाद वह टूट गया। पुलिस के लिए जांच का विषय है। भोंडसी थाना पुलिस ने बैरक में मिल रजिस्टर को सील कर लिखावट के मिलान के लिए मधुबन की फॉरेंसिक लैब भेजा है।
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बहू और किराएदार के परिवार के चार लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी राव राय सिंह ने जेल में 40 दिन के दौरान बीते दिनों के बारे में एक रजिस्टर में लिखा है। रजिस्टर में अपनी कविताएं और सम्मान का जिक्र है। आखिरी पेज पर लिखा है कि मैं अपनी जिंदगी से तंग हूं.. अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं।
चालीस दिन के दौरान राव राय सिंह की अपने बेटे आनंद से तीन बार मुलाकात हुई है। विमलेश की बहन ने भी उससे मुलाकात की। जेल प्रबंधन के अनुसार शनिवार का दिन हाल ही में दोनों की मुलाकात के लिए तय किया गया था। बीते शनिवार को विमलेश की मुलाकात दस मिनट के लिए राव राय सिंह से हुई थी।
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बेटे आनंद ने साधी चुप्पी
राव राय सिंह का शव पोस्टमार्टम हाउस लाने पर वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। उसके कुछ रिश्तेदार पहले से वहां पर थे। शव के पहुंचने के पांच मिनट बाद बेटा आनंद भी पहुंच गया। उससे बात करने का प्रयास किया गया तो उसने चुप्पी साध ली।
12 अक्तूबर को आनंद का होना है लाई डिटेक्टर टेस्ट
राजेन्द्रा पार्क थाना पुलिस की ओर से पीड़ित पक्ष के लोगों की मांग पर दिल्ली में आनंद का 12 अक्तूबर को लाइव डिडेक्टर टेस्ट होना है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जा रही है।
मृतक के परिजन बोले जारी रहेगा धरना
राजेन्द्रा पार्क में चार लोगों की हत्या के मामले में मरने वालों के परिजन लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठे हैं। पांच दिन से धरना चल रहा है। धरने पर उन्हें जेल में बंद राव राय सिंह के आत्महत्या की जानकारी मिल गई थी। लोगों का कहना है कि उसे किए की सजा मिल गई। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। सुनीता के भाई महेद्रगढ़ निवासी अशोक यादव का कहना है कि राय सिंह को अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है। उसने आत्महत्या करके एक बार फिर पूरे परिवार को बचाने का काम किया है।
क्राइम सीन दोहराने के लिए अदालत से की है अपील
मृतक के परिवार वालों की ओर से अदालत में क्राइम सीन के रिक्रिएशन की मांग की गई थी, जिस पर पुलिस ने कहा कि जांच चल रही है। इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। मृतक के परिजनों की ओर से इस समय अदालत के माध्यम से पुलिस पर जांच के लिए काफी दबाव बनाया गया है।
जेल में मिले रजिस्टर को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए मधुबन की फॉरेंसिक लैब भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही सत्यता के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।
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धीरज सेतिया, डीसीपी साउथ, गुरुग्राम
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