ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग में मुख्यमंत्री के निर्देश पर शहर के बड़े मसले सुलझने की उम्मीद बंध गई है। सीएम ने दौलताबाद इंडस्ट्रियल एरिया की समस्या के समाधान के लिए नगर एवं ग्राम योजनाकार विभाग को औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र अलग-अलग चिह्नित करने के निर्देश दिए।
डेवलपमेंट प्लान में इंडस्ट्रियल एरिया अलग होने के बाद उस क्षेत्र में इंडस्ट्रियल बिल्डिंग प्लान को भी मंजूरी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एरिया में लगी इंडस्ट्री को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन कुमार जिंदल ने कहा कि दौलताबाद के दोनो तरफ लगभग 300 मीटर एरिया में 1966 से इंडस्ट्री लगी हुईं हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र में 266 इंडस्ट्रियल यूनिट प्रापर्टी टैक्स जमा कर रहीं हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में गलियों में गेट लगाने का मामला रखा।
जिसमें पायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की मंजूरी के उपरांत ही इस प्रकार के गेट लगाए जा सकते हैं। इस समिति में उपायुक्त के अलावा, एक पुलिस का अधिकारी तथा संबंधित संपदा अधिकारी भी शामिल होंगे। पुराने शहर के लिए भी इसी प्रकार के नियम बनाने के आदेश दिए हैं।
पुराने गुरुग्राम शहर की कॉलोनियों में सुरक्षा के लिहाज से गेट लगाने के लिए नियम बनाए जाएंगे और उपायुक्त की अध्यक्षता में पुलिस का एक अधिकारी तथा आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि को शामिल करते हुए समिति की मंजूरी के उपरांत ही वहां पर गेट इत्यादि लगाए जा सकते हैं।