भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग के लिए खेड़की दौला टोल प्लाजा पर अनिश्चित कालीन धरना आरंभ हो गया। इस धरने को राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से भी पूरा समर्थन मिल रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धरने में राजनीतिक दलों के साथ ही धार्मिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।
टोल के पास निर्माणाधीन द्वारका एक्सप्रेस वे पर दूर तक वाटर प्रूफ तंबू गाड़कर धरने में बैठने की व्यवस्था की गई है। सुबह करीब 11 बजे हवन से धरना आरंभ हुआ। मंत्रोच्चारण के बीच क्षेत्र और दूर-दराज से आए लोगों ने अहीर रेजिमेंट की हुंकार भरी और अंतिम सांस तक रेजिमेंट की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा के बैनर तले आसपास के गांवों के प्रमुख लोगों की एक कमेटी को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले दिन धरने में बादली से कांग्रेसी विधायक कुलदीप वत्स ने शिरकत की। उन्होंने अनुशासित तरीके से अपना संघर्ष करने की बात कही, साथ ही धरने के लिए एक लाख रुपये की राशि भी अनुदान स्वरूप दी और तन-मन-धन से मदद का आश्वासन दिया।
मोर्चा के संस्थापक सदस्य मनोज कांकरौला के अनुसार रेजिमेंट गठन के आंदोलन की शुरुआत है। अब इसे देशव्यापी अंदोलन बनाया जाएगा। भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट के गठन पर ही संघर्ष समाप्त होगा। धरने में पटौदी से कांग्रेस नेत्री सुनीता वर्मा, जजपा के सूबे सिंह बोहरा, किसान नेता राव मान सिंह, अटेली के पूर्व विद्यायक नरेश यादव, यादव महाससभा झज्जर के अध्यक्ष वीरेंद्र यादव, धर्मपाल यादव, राव गजराज सिंह, राकेश यादव हयातपुर, अरुण यादव खेड़की सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
एनएसजी कमांडो ने खुलवाया जाम
धरने में आए लोगों की भीड़ के कारण दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस वे पर जाम के हालत बन गए। देर तक दिल्ली और जयपुर की ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रही। इस बीच एनएसजी की कई गाड़ियां भी जाम में फंस गई। हालांकि किसी भी अप्रिय घटना और जाम की स्थिति से निपटने के लिए यहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन वाहनों की बेतरतीब पार्किंग और दबाव के कारण स्थिति संभल नहीं पाई और जाम लग गया। देर तक पुलिस जाम से जूझती रही। इसी बीच स्थिति बेकाबू होते एनएसजी कमांडों अपने वाहनों से उतर कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। जिससे स्थिति थोड़ी सुधरी और वाहन मंद गति से आगे बढ़े। इस बीच टोल को कुछ देर के लिए फ्री भी रखा गया। बाद मे देर तक पुलिस वाहनों की बेतरतीबी से जूझती रही।