कोलकाता के साइबर ठगों को कमीशन पर बेचते थे खाते
आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, बैंक खातों की सात किट, 25 डेबिट कार्ड, 14 सिमकार्ड, 25 चेकबुक, एक लैपटॉप, फर्जी कंपनियों की 13 स्टैंप और फर्जी दस्तावेज बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। फर्जी कागजात के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को बेचने वाले एक गिरोह का पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को बिहार से दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सचिन झा (27) और शैडो उर्फ मोहम्मद शाकिब (23) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, बैंक खातों की सात किट, 25 डेबिट कार्ड, 14 सिमकार्ड, 25 चेकबुक, एक लैपटॉप, फर्जी कंपनियों की 13 स्टैंप और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूर्वी दिल्ली में सेवानिवृत्त एक सरकारी कर्मचारी के साथ ठगी की थी। उसकी छानबीन के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
आरोपी कमीशन के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को बेचते थे। छानबीन के दौरान पता चला है कि आरोपी कई सौ बैंक खाते खुलवाकर कोलकाता में बैठे साइबर ठगों को सौंप चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों में सचिन झा ग्रेजुएट हैं। वह अकाउंटेंट की नौकरी करता है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पूर्वी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अचिन गर्ग ने बताया कि 19 दिसंबर 2023 को पूर्वी दिल्ली में रहने वाले एक बुजुर्ग ने साइबर ठगी की शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि वह ऑन लाइन बिल जमा कर रहे थे। इस दौरान एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से 41 हजार रुपये कट गए।
पीड़ित की शिकायत पर छानबीन करते हुए पुलिस पटना में त्रिभुवन सिन्हा के पास पहुंची। इसके बैंक खाते में ही ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। त्रिभुवन ने बताया कि सात-आठ महीने पहले लोन दिलवाने के नाम पर सचिन नामक युवक ने उसका आधार और पैन कार्ड लिया था। उसने ही खाता खुलवाकर वारदात को अंजाम दिया होगा।
पुलिस ने छानबीन के बाद पहले सचिन को गिरफ्तार किया। सचिन ने बताया कि वह खाते पश्चिम बंगाल में बैठे साइबर ठगों को शाकिब के जरिये बेच देता था। पुलिस ने बिहार से शाकिब को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वह कमीशन के आधार पर वारदात को अंजाम देता था।