अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में आईसीयू चलाने के लिए 12 स्टाफ नर्स मेदांता अस्पताल से 21 दिन का प्रशिक्षण पूरा कर लौट आई हैं। सभी फिलहाल सिविल अस्पताल में सेवा देना शुरू कर चुकी हैं। बेहतर तकनीक और क्रिटिकल केयर पर अपनी पकड़ बनाने के लिए अब पांच मेडिकल अधिकारी (एमओ) भी प्रशिक्षण के लिए मेदांता जाएंगे। अस्पताल में इसका रोस्टर बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में अब इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) और हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) चलाने के लिए मौजूदा स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। सुबह, दोपहर और शाम की तीन शिफ्ट में आईसीयू का प्रभार देख रहीं ज्यादातर नर्स कॉरपोरेट सेक्टर में सेवाएं दे चुकी हैं। बावजूद इसके क्रिटिकल मरीज की जिम्मेदारी सौंपने से पहले सभी को 21 दिन का प्रशिक्षण कराया गया है। अस्पताल में सुविधाएं देख रहे डॉ. वरुण यादव बतौर श्वास विशेषज्ञ (पल्मोनोलॉजिस्ट) और डॉ. सुमन खरब बेहोशी विशेषज्ञ (एनएसथिसिया) के रूप में सेवाएं दे रही हैं। डॉ. वरुण ने बताया कि आईसीयू चलाने के लिए कुल सात डॉक्टरों की सेवाओं की जरूरत है। इसके लिए पांच एमओ के प्रशिक्षण के लिए लिखा गया है। प्रशासनिक अधिकारी इसकी स्वीकृति देंगे। अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष राठी ने बताया कि नर्स का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि आईसीयू की सेवाओं में पूरी तरह से प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी ही सेवाएं देंगे। स्टाफ नर्स के बाद अब एमओ के प्रशिक्षण की योजना व खाका तैयार किया जाएगा। रोस्टर बनाकर चरणबद्ध तरीके से वह भी प्रशिक्षण लेंगे।
चार मरीज आईसीयू में भर्ती
सिविल अस्पताल में मौजूदा समय में चार मरीज उपचाराधीन हैं। इसमें उच्च रक्तचाप और मधुमेह के गंभीर मामले भी शामिल हैं। आईसीयू में तैनात स्टाफ नर्स मीनाक्षी और रानी ने बताया कि सभी मरीजों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक मरीज की देखरेख में एक-एक नर्स 24 घंटे निगरानी पर बनी रहती हैं।
नई इमारत में भी इस वर्ष से मिलने लगेगी सुविधा
नागरिक अस्पताल परिसर (सेक्टर-10) में इस साल से 32 बेड पर आईसीयू सुविधा विकसित होगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में गंभीर मरीजों के विशेष उपचार के लिए सौ बेड का ब्लॉक विकसित किया जा रहा है। पांच मंजिला इमारत में एक तल (फ्लोर) आईसीयू मरीजों के लिए समर्पित होगा। वर्ष 2015 से यह प्रोजेक्ट स्वीकृत है। हालांकि निर्माण कार्य की नींव बीते वर्ष 2021 में रखी गई। कुल 1.5 एकड़ जमीन पर यह ब्लॉक बनाया जा रहा है। करीब 21 करोड़ रुपये के खर्च पर यह काम पूरा होगा। इमारत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की देखरेख में बनाई जा रही है। जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव का कहना है कि अक्तूबर 2024 तक नया ब्लॉक बनकर तैयार होगा। स्वास्थ्य विभाग को यह इमारत जल्द से जल्द दिलाने की कोशिश की जा रही है।
अस्पतालों में लंबी लाइनों से बचाएगा स्वस्थ हरियाणा एप
जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि नागरिक अस्पताल में लंबी लाइनों से बचने के लिए स्वस्थ हरियाणा एप का इस्तेमाल करें। इस एप के माध्यम से मरीज प्रदेश के किसी भी नागरिक अस्पताल में इलाज करवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकता है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है। इस एप के माध्यम से अस्पताल में जाने से पहले मरीज घर बैठे अपना एडवांस रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे। डॉक्टर की ओर से लिखे टेस्ट और रिपोर्ट इस एप के माध्यम से घर बैठे देख सकेंगे। इसमें ब्लड बैंक की जानकारी, जच्चा बच्चा देखभाल और टीकाकरण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध रहेगी।