फर्जी दस्तावेजो के आधार पर लोन का मामला, दस और किसानों पर केस दर्ज
-अदालत के आदेश पर अभी तक 20 एफआइआर हो चुकी है दर्ज
- सभी मुकदमों में तत्कालीन बैंक प्रबंधक कासम व विकास अधिकारी लियाकत अली शामिल
गुरूदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसानों को लोन कराने के मामला इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुन्हाना सिटी थाना पुलिस में अदालत के आदेश पर अब तक 20 एफआइआर दर्ज हो चुकी हैं। सभी मुकदमों में काॅपरेटिव बैंक का तत्कालीन प्रबंधक कासम व विकास अधिकारी लियाकत का नाम शामिल है। करोड़ों रुपये के हुए घोटाले में अभी तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं सिटी थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
बता दें की गुड़गांव सेंट्रल को- ऑपरेटिव बैंक ने ग्रामीण क्षेत्र के किसानों की समृद्धि के लिए रिवाॅल्विंग कैश क्रेडिट सहित विभिन्न प्रकार के लोन देने की योजना है। जिसमें एक एकड़ जमीन वाले किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ लोन देने की योजना है। आरोप है कि तत्कालीन बैंक प्रबंधक कासम व विकास अधिकारी लियाकत अली ने ऐसे किसानों को लोन आंवंटित किया जिनके नाम जमीन ही नहीं थी। इसके लिए जमीन के नकली दस्तावेज तैयार किए गए। दोनों अधिकारियों ने इन फर्जी दस्तावेज की तस्दीक भी की। इसके अलावा नियमानुसार यह भी पुष्टि की कि लोन लेने वाला किसान पैक्स सोसायटी का कर्जवान नहीं है और न ही जमीन कहीं गिरवी रखी हुई है।
यह पूरा फर्जीवाड़ा बैंक अधिकारियों ने एक साजिश के तहत अंजाम दिया। जिससे बैंक को लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि पुन्हाना ब्रांच में घोटाले के ऐसे 50 से अधिक मामले है जिनके खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए है। पुन्हाना सिटी थाना प्रभारी संजीव कुमार का कहना है कि अभी तक 20 मुकदमे दर्ज हो चुके है। पुलिस जांच में जुटी है जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।