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Gurugram News: ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि हुई कम आरडब्ल्यूए ने जताई आपत्ति

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ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि कम करने से परेशान लोग
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यूएलबी ने पहले तय की थीग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि हुई कम आरडब्ल्यूए ने जताई आपत्ति

फोटो
ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि हुई कम आरडब्ल्यूए ने जताई आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
पिछले दिनों जीएमडीए ने ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि 2.70 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय कर दी। इसको लेकर विभिन्न आरडब्ल्यूए संगठनों ने आपत्ति जताई है। निवासियों ने कहा कि जीएमडीए के पास करीब 500 किमी ग्रीन बेल्ट का इलाका है। इसमें 100 किमी का रखरखाव हो रहा है। सोसाइटियों के आरडब्ल्यूए अपने आस-पास के ग्रीन बेल्ट का रखरखाव भी करते हैं। ऐसे में कम राशि देकर ठेकेदारों से काम कराने पर स्थिति और बिगड़ेगी। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने जीएमडीए से रखरखाव की राशि पूर्ववत रखने और ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी आस-पास की सोसाइटियों को देने की मांग की है।
रॉयल ग्रीन ओनर्स के लोगों ने लिखा पत्र
सेक्टर-92 के रॉयल ग्रीन ओनर्स कांडोमेनियम एसोसिएशन ने जीएमडीए के सीईओ को पत्र लिखकर ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि पहले जैसी करने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि जीएमडीए ने ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की राशि दो रुपये 70 पैसे प्रति वर्ग मीटर कर दिया है। पहले यह राशि चार रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रतिमाह थी। एक जागरूक आरडब्ल्यूए होने के नाते सोसाइटी ने अपनी इलाके की ग्रीन बेल्ट खुद विकसित कर उसकी देखरेख की थी। तीन साल पहले जीएमडीए ने यह जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी थी।
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ठेकेदारों के आने से खराब होंगी स्थिति
राइजिंग होम्स (सारे) के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और न्यू गुरुग्राम आरडब्ल्यूए एसोसिएशन के संयोजक प्रवीण मलिक ने कहा कि जीएमडीए के पास करीब 500 किमी की ग्रीन बेल्ट के रखरखाव की जिम्मेदारी है। जिसमें से करीब 100 किमी का रखरखाव होता है। अभी रखरखाव के लिए 2 रुपये 70 पैसे प्रति वर्ग मीटर तय किए गए हैं जबकि दो साल पहले अर्बन लोकल बॉडी के बैठक में यह राशि चार रुपये तय की गई थी और हर साल इनमें 10 प्रतिशत वृद्धि की बात भी थी मगर दो साल बाद यह राशि कम कर दी गई है। इस तरह ग्रीन बेल्ट को ठेकेदारों के हवाले कर दिए जाने का काम किया जा रहा है जबकि सोसाइटियों के आस-पास के ग्रीन बेल्ट आरडब्ल्यूए ने बेहतर बनाकर रखा हुआ है।
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लोग अपने पड़ोस को खराब होने नहीं दे सकते हैं। ठेकेदार भी इतनी कम राशि में ठीक से काम नहीं करेंगे। ऐसे में काम लोग करेंगे और दाम ठेकेदार लेंगे। जीएमडीए को ग्रीन बेल्ट के रखरखाव का काम आरडब्ल्यूए को दे देना चाहिए और उसके रखरखाव की राशि यूएलबी द्वारा तय की गई राशि के अनुसार रखनी चाहिए। उन्होंने ने भी जीएमडीए के समक्ष यह मांग रखी है।
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