प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुग्राम स्थित रियल्टी कंपनी डीएलएफ के परिसरों की तलाशी ली। अधिकारियों ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ईडी पिछले कुछ दिनों से कार्रवाई कर रही थी, इस दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई दिल्ली, हरियाणा और यूपी पुलिस विभागों द्वारा सुपरटेक लिमिटेड और उसके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ 670 घर खरीदारों से 164 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज 26 एफआईआर से जुड़ी है। हालांकि, इस बारे में डीएलएफ की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। बता दें कि ईडी ने इस मामले में सुपरटेक के प्रमोटर राम किशोर (आरके अरोड़ा) अरोड़ा को जून में गिरफ्तार किया था। उन पर धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
समय पर पूरी नहीं की गईं परियोजनाएं
ईडी के अनुसार, सुपरटेक ग्रुप के माध्यम से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। समूह ग्राहकों को समय पर फ्लैट का कब्जा देने की जिम्मेदारी का पालन करने में विफल रहा। सुपरटेक ग्रुप ने 2013-14 में गुरुग्राम में जमीन खरीदने के लिए ग्राहकों और घर खरीदारों से मिले 440 करोड़ रुपये का इस्तेमाल भी अधिक लाभ कमाने के लिए गलत तरीके से अन्य परियोजनाओं में कर दी, जबकि नोएडा में उनकी पहले से वादा की गई परियोजनाएं पूरी नहीं हुईं।
100 मीटर ऊंचा ट्विन टावर्स हुआ था ध्वस्त
अगस्त 2022 में, सुपरटेक को एक बड़ा झटका तब लगा था, जब नोएडा एक्सप्रेसवे पर स्थित 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ध्वस्त कर दिया गया था। एमराल्ड कोर्ट परिसर के भीतर उनके निर्माण को मानदंडों का उल्लंघन पाया गया था। दोनों टावरों को ध्वस्त करने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। अरोड़ा ने तब कहा था कि नोएडा में अपने ट्विन टावरों के विध्वंस के कारण कंपनी को निर्माण और ब्याज लागत सहित लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बैंक के 432 करोड़ बकाया राशि का नहीं हुआ भुगतान
कंपनी को पिछले साल एक और झटका तब लगा, जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की दिल्ली पीठ ने मार्च में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 432 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान न करने को लेकर दायर याचिका पर सुपरटेक लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था।