गुरुग्राम। सेक्टर-10 के सरकारी अस्पताल सहित जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मंगलवार को डॉक्टरों की हड़ताल रही। हड़ताल के कारण मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान महिला रोग, बाल रोग, सर्जरी और दूसरी आपात सेवाएं जारी रहीं लेकिन सामान्य रोगों के मरीजों को बगैर इलाज के लौटने को मजबूर होना पड़ा।
सिविल सर्जन (सीएमओ) डॉ. विरेंद्र यादव सोमवार से ही डॉक्टरों से वार्ता करके हड़ताल टालने का प्रयास कर रहे थे लेकिन डॉक्टरों का एक गुट अपनी जिद पर अडिग रहा। डॉक्टरों की मंशा भांपकर सिविल सर्जन डॉ. यादव ओपीडी शुरू होने के समय ही सेक्टर 10 के अस्पताल पहुंच गए। वहां जाकर भी डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सक नहीं माने और अस्पताल के मुख्य द्वार पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सिविल सर्जन ने डॉक्टरों को विभागीय कार्रवाई तथा महामारी काल के कानूूनी प्रावधान का डर भी दिखाया, लेकिन डॉक्टर अपनी जिद से टस से मस नहीं हुए।
डॉक्टरों की सीएमओ से हुई बहस
इस बीच सिविल सर्जन और एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केशव शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ.. एमपी सिंह और डॉ. महासचिव अरुण कुमार के बीच काफी बहस भी हुई। एक सप्ताह पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने सांकेतिक हड़ताल का अल्टीमेटम दे दिया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सेक्टर दस में करीब 70 तथा जिले भर की सीएचसी और पीएचसी के करीब 180 डॉक्टर हड़ताल पर रहे।
ट्रेनी डॉक्टरों के सहारे सैकड़ों मरीज देखे
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. विरेंद्र यादव ने आपात सेवाओं के अलग ट्रेनी डॉक्टरों के सहारे ओपीडी का जिम्मा संभाला। खुद सामान्य बीमारियों, आंखों के मरीजों की जांच की। उनकी बगल के केबिन में डॉ. हजारी लाल ने भी दूसरी अन्य बीमारियों के मरीजों की जांच की। इस हड़ताल में सर्जरी, महिला, बाल रोग जैसी कई आपात सेवाओं के डॉक्टर शामिल नहीं थे। अस्पताल प्रबंधन से मिले आंकड़ों के अनुसार सामान्य रोगों के करीब 300 मरीजों की जांच हुई। प्रसूतिका वार्ड में 145, बाल विभाग में 125 रोगियों की जांच की गई। सामान्य दिनों में अस्पताल की सभी विभागों की ओपीडी 1200 से 1300 रहती है। प्रसूतिका वार्ड की प्रभारी डॉ. अलका के अनुसार हड़ताल के दौरान दो स्थायी विशेषज्ञों सहित दो ट्रेनी डॉक्टरों की मदद से छह सामान्य और दो सिजेरियन डिलीवरी की गईं हैं।
14 को ठप कर देंगे सभी सेवाएं : डॉ. सिंह
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के उपाध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि लोगों को बेहतर सेवाएं मिले, हम इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं जिसके लिए तीन मांगें प्रमुख हैं, दो दिन का समय सरकार को और दिया है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो 14 जनवरी को सभी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दी जाएंगी। इनका आरोप है कि सरकार की हठधर्मिता के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है। लोगों की सहूलियत के लिए ही दुर्घटना, डिलीवरी, बाल रोग, पोस्टमार्टम, सर्जरी और कोरोना मरीजों के लिए आपात सेवाएं चालू रखी गई हैं। 14 को इन्हें भी ठप कर दिया जाएगा।
लोगों की प्रतिक्रिया
हड़ताल का पता नहीं था, ओपीडी कार्ड बनवा लिया, तब हड़ताल का पता चला। अब दोबारा इलाज के लिए आना पड़ेगा।
-संगीता
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी तो हुई है। अगर पहले पता होता तो आने-जाने का समय और किराया तो खर्च नहीं होता।
-ललतेश
दो दिन से शरीर में ऐंठन हो रही है, जुकाम भी है। यहां आकर डॉक्टरों की हड़ताल का पता चला। इलाज न मिलने से परेशानी हुई।
-पवन कुमार