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अवैध रूप से गर्भपात कराने में दोषी चिकित्सक को 3 साल कैद

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गुरुग्राम। अवैध रूप से गर्भपात कराने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने मंगलवार को निजी अस्पताल संचालिका डॉ. सुनीता पंवार को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष कैद तथा एक लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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पेश मामले के अनुसार 8 मार्च 2017 को जिला सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि पटेल नगर स्थित एक निजी अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात कराया जाता है। इस पर सिविल सर्जन ने तत्कालीन उप सिविल सर्जन डॉ. सरयू शर्मा की अगुवाई में टीम का गठन किया। टीम में तत्कालीन ड्रग कंट्रोलर अमनदीप चौहान, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के तत्कालीन सचिव श्यामसुंदर व सिविल लाइन थाना प्रभारी शामिल थे। टीम ने एक महिला को गर्भपात करवाने के लिए अस्पताल भेजा।
आरोप है कि महिला को दवा दी गई और उसका गर्भपात भी करा दिया, जिसकी एवज में डॉ. सुनीता ने दो हजार रुपये लिए। इसके बाद टीम ने डॅाक्टर को रंगेहाथ पकड़ लिया और 2 हजार रुपये भी बरामद कर लिए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मेडिकल टर्मिनेशन एक्ट 1971 की धारा 3, 4 व 5 तथा ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 18 व 27 के तहत डॉ. सुनीता पंवार के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर बाद में जेल भेज दिया था।
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