गुरुग्राम। मानेसर क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी की महिला निदेशक ने अपने पार्टनर व आईएमटी मानेसर सेक्टर-2 स्थित एचडीएफसी बैंक के कर्मचारियों पर ठगी का आरोप लगाते हुए मानेसर थाने में शिकायत दी है। आरोप है कि सभी ने मिलकर बैंक से फर्जी तरीके से क्रेडिट फैसिलिटी हासिल कर ली। शिकायत पर मानेसर थाने में साजिश के तहत ठगी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा-2 की टीम कर रही है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-48 सेंट्रल पार्क रिजोर्ट्स निवासी सावित्री यादव ने दी लिखित शिकायत में आईएमटी मानेसर सेक्टर-2 स्थित एचडीएफसी बैंक खाता के 5 अधिकारियों, भांगरौला स्थित मैकइरोल ऑयल टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी करमाकर पाठक, डायरेक्टर इंदू पाठक, फाइनेंस अकाउंट्स मैनेजर पर ठगी का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक उनका एक अपार्टमेंट सेक्टर-43 में भी है। अक्तूबर 2019 से शिकायतकर्ता भी मैकइरोल ऑयल टूल्स प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं।
25 फीसदी की पार्टनरशिप ली थी
कंपनी के एमडी ने कुछ साल पहले संपर्क कर इनकी कंपनी में निवेश करने को कहा था, जिसके चलते अक्टूबर 2019 में शिकायतकर्ता ने कंपनी में 25 प्रतिशत की पार्टनरशिप ले ली और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में महिला को रखा गया। एमडी ने एचडीएफसी बैंक में लोन अप्लाई किया था जिसके लिए महिला ने पैकिंग क्रेडिट फेसिलिटीज लोन के नाम पर पर्सनल गारंटी दे दी। इसकी अवधिक 1 साल की थी और महिला ने सेक्टर-43 का अपार्टमेंट बैंक में गारंटी के तौर पर रख दिया लेकिन 20 फरवरी 2020 को आरोपी एमडी ने पैकिंग क्रेडिट फेसिलिटीज को कैश क्रेडिट लिमिट में बदलवाने के लिए बैंक में आवेदन किया, जिसकी महिला को कोई जानकारी नहीं दी गई।
विदेश से लौटने पर पता चला
मार्च 2020 में में बैंक ने ये बदल दिया और 7 साल की कैश क्रेडिट लिमिट दे दी। लॉकडाउन के चलते महिला अपने पति के साथ विदेश गई हुई थीं। कई माह बाद वापस आई तो उन्हें मामले के बारे में पता चला। महिला ने हैरानी जताई कि उसकी मर्जी के बगैर बैंक व आरोपी ऐसा कर सकते हैं। 12 मई 2021 को एचडीएफसी टीम ने जूम मीटिंग के दौरान बताया कि एमडी व इंदू पाठक ने बोर्ड रिजोल्यूशन दिया था जिसके आधार पर यह बदलाव किया गया लेकिन महिला का आरोप है कि इन्होंने फर्जी बोर्ड रिजोल्यूशन तैयार कर बैंक में दिया। परेशान होकर मामले की शिकायत पुलिस को दी।
जांच में सही पाए गए आरोप
आर्थिक अपराध शाखा की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। जिसके आधार पर बुधवार को मानेसर थाना में सभी के खिलाफ साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मानेसर थाना पुलिस ने केस की फाइल आगामी जांच व कार्रवाई के लिए फिर से आर्थिक अपराध शाखा के पास भेज दी है।