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संरचनात्मक ऑडिट की मौजूदा प्रक्रिया को रेजीडेंट ने नकारा

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गुरुग्राम। सेक्टर 109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में हुए हादसे के बाद सभी टॉवरों की संरचनात्मक जांच की मौजूदा प्रक्रिया को वहां के निवासियों ने अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने इस ऑडिट को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की देखरेख में कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। सोसाइटी की डी टॉवर सहित अन्य टॉवरों के संरचनात्मक ऑडिट के लिए आईआईटी दिल्ली की टीम बुधवार को आ सकती है। एडीसी विश्राम मीणा ने भी बुधवार को जांच के सिलसिले में बैठक करने का निर्णय लिया है। जिसमें डीटीपी प्रवर्तन को हाजिर रहने का निर्देश दिया है। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। जबकि छह फ्लैट पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। इसके अलावा ऊपर की मंजिलों के अन्य फ्लैट भी प्रभावित हुए हैं। मंगलवार को लिखे पत्र में कहा गया है कि सोसाइटी के लोगों का मानना है कि बिल्डर बहुत प्रभावशाली है और वह अपने पक्ष में ऑडिट को प्रभावित कर सकता है। विगत में भी ऐसा ही हुआ है, इसलिए हाईकोर्ट की निगरानी में काम हो और अदालत में साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। संरचनात्मक ऑडिट की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को भेजी जाए। ऑडिट की सभी शर्तों को अंतिम रूप सोसाइटी के रहने वालों की सहमति से दिया जाए। इसमें बिल्डर की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। बिल्डर का लाइसेंस भी निरस्त हो। दूसरी ओर हादसे की सीबीआई जांच सहित अन्य मांगों को लेकर सोसाइटी के लोगों की क्रमिक भूख हड़ताल और धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
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यह भी स्पष्ट हुआ कि सोसाइटी की डी टॉवर के फ्लैटों में जिन लोगों का सामान फंसा हुआ है, वह करीब एक सप्ताह तक सामान नहीं निकाल सकेंगे, क्योंकि अभी तक सामान शिफ्टिंग को लेकर कोई योजना तय नहीं हुई है। आरोप है कि बिल्डर के प्रतिनिधि इसमें उदासीनता बरत रहे हैं। हादसे के कारण प्रभावित सोसाइटी के लोगों ने बिल्डर द्वारा अस्थायी रूप से किए गए रहने खाने के इंतजामों पर भी रोष जताया। उन्होंने कहा कि यहां खाना बहुत ही घटिया स्तर का है।
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