गुरुग्राम। खेड़कीदौला थाने में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को स्थानीय अदालत ने इस प्रकरण में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर गुरुग्राम की संलिप्तता की आशंका जताई है। अदालत ने कहा है कि इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि उन्हें पूरी जानकारी न हो। इसके साथ ही अदालत ने तीसरी बार निलंबित चल रहे फरार आईपीएस अधिकारी धीरज सेतिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने कहा है कि उस वक्त के पुलिस कमिश्नर धीरज सेतिया के वरिष्ठ अधिकारी थे। इसलिए ऐसा नहीं हो सकता है कि उन्होंने इस प्रकरण की कोई बात उन्हें न बताई हो, या खुद पुलिस कमिश्नर को पूरी जानकारी न हो। इसलिए जब भी आईपीएस सेतिया से पूछताछ हो तो पुलिस कमिश्नर की भूमिका की भी जांच की जाए। आखिरकार पुलिस कमिश्नर ने उस वक्त डीसीपी दक्षिण का कार्यभार संभाल रहे धीरज सेतिया को ही डीसीपी क्राइम का कार्यभार क्यों दे दिया था। सेतिया को दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों सौंपी गईं। गौर हो कि जुलाई 2021 में खेड़कीदौला थाने में एक बिल्डर के अपार्टमेंट से करोड़ों रुपये की चोरी हो गई थी। जिसमें लगातार सुनवाई जारी है।