गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के वायरल वीडियो पर सोमवार को दो वकीलों ने मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है। इस वीडियो में वह केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ हर जिले में किसान संगठन के बैनर तले सरकार के पक्ष के किसान खड़े करने को कह रहे हैं।
जिला अदालत के एडवोकेट मंदीप सेहरा और दिनेश कुमार की ओर से दी गई शिकायत में कहा है कि रविवार को सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की एक वीडियो वायरल हुई, जिसमें वह कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान कह रहे थे कि खासकर उत्तर और पश्चिम हरियाणा में किसानों के नए संगठन जो उभर रहे हैं, उनको प्रोत्साहन देने की जरूरत है। इन जिलों में 500 से 1000 लोग अपने खड़े करो और उनको विरोध में बैठे किसानों के सामने लठ लेकर खड़े कर दो। फिर विरोध कर रहे किसानों के साथ जैसे को तैसा करो। वह कार्यकर्ताओं को कहते दिख रहे हैं कि जब डंडे उठाओगे तो ये मत सोचो की जेल जाओगे।
6 महीने जेल में रह लोगे तो बड़े नेता बनकर निकलोगे। इस बैठक की पढ़ाई उतना काम नहीं आएगी, जितना यह काम कर जेल से लौटकर फल मिलेगा। इतिहास में नाम लिखा जाएगा। दोनों वकीलों का कहना है कि इस वीडियो से मैं व मेरा परिवार काफी डरे हुए हैं। चारों तरफ डर का माहौल बन गया है।
आशंका है कि राज्य में मुख्यमंत्री का यह वीडियो देखकर दंगे व आगजनी की घटना न हो जाएं। इस वीडियो से मुख्यमंत्री संविधान के नियमों का उल्लंघन कर एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ भड़काने का काम किया है। इससे नागरिकों के बीच दुश्मनी पैदा हो गई है और सीएम ने संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई हैं। अगर किसी ने वीडियो से छेड़छाड़ कर वायरल किया है या झूठी खबरें छपी हैं तो उन पर भी कार्रवाई कर सच्चाई का पता लगाया जाना चाहिये।