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Gurugram News: फर्जी प्रमाण पत्रों से बिजली निगम में नौकरी पाने वालों पर कार्रवाई में देरी

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- मुख्यमंत्री, बिजली मंत्री व राज्य सतर्कता विभाग को भेजी गई शिकायत
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- आरटीआई कार्यकर्ता ने लगाया फर्जी दस्तावेज के जरिये नौकरी पाने का आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। फर्जी प्रमाण पत्रों से नौकरी पाने वालों पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारी मेहरबान हैं। जिले में ऐसे सैकड़ों कर्मचारी हैं, जो फर्जी दस्तावेज के बलबूते नौकरी कर रहे हैं। यह खुलासा आरटीआई से प्राप्त जानकारी में हुआ है। फिलहाल हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) के तहत नौकरी कर रहे इन कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज की शिकायत मुख्यमंत्री हरियाणा, बिजली मंत्री व राज्य सतर्कता विभाग को दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त जांच के निर्देशों के बावजूद इन कर्मचारियों के खिलाफ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
दरअसल, गांव मीतरोल निवासी आरटीआई कार्यकर्ता अमरचंद शर्मा ने बीती 22 फरवरी को मुख्यमंत्री हरियाणा, बिजली मंत्री व राज्य सतर्कता विभाग को भेजी शिकायत में कहा है कि साल 2016 में उसने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता से ठेके पर लगे कर्मचारियों द्वारा भर्ती के समय लगाए दस्तावेज की जानकारी मांगी, परंतु एसई ने मना कर दिया। उसने राज्य सूचना आयोग में शिकायत की। आयोग ने निगम के कार्यकारी अभियंता को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अगस्त 2017 को उसे दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। दस्तावेज से पता चला कि भर्ती के दौरान काफी अनियमितताएं बरती गई हैं। उसने इनकी जांच करने की शिकायत की, परंतु अधिकारी सारी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार पर डालते रहे। बिना जांच के कर्मचारी नौकरी करते रहे।
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उसके बाद अमरचंद ने निगम में लगे एएलएम व अन्य कर्मचारियों के शैक्षणिक दस्तावेज की सत्यापित प्रति हासिल की। 13 कर्मचारियों के दस्तावेज को हथीन आईटीआई में जांच के लिए भेजे। आईटीआई हथीन ने जांच के बाद 11 कर्मचारियों के दस्तावेज फर्जी बताए। इसके अलावा न्यू नेशनल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान रेवाड़ी हरियाणा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है, जबकि इस संस्थान के दस्तावेज के माध्यम से काफी कर्मचारी नौकरी कर रहे हैं। होडल डिवीजन में कार्यरत एक कर्मचारियों के दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर नौकरी निकालने के आदेश दिए गए, परंतु वह हाजिरी लगाता रहा और दूसरे संस्थान से फर्जी प्रमाण पत्र लाकर जमा कर दिया। उक्त कर्मचारी के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र की शिकायत होडल थाने में निगम ने दी, परंतु मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कर्मचारी से करीब साढ़े 10 लाख रुपये रिकवरी के आदेश भी दिए गए हैं।

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एक्सईएन, एसडीओ व लेखाकार की कमेटी करती है जांच

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में ठेकेदारी पर लगने वाले कर्मचारियों के दस्तावेज की जांच, कमेटी करती है। कमेटी मेंं संबंधित डिवीजन के कार्यकारी अभियंता, एसडीओ व लेखाकार शामिल रहते हैं। उनके द्वारा दस्तावेज को सत्यापित करने के बाद नौकरी दी जानी चाहिए, परंतु जिले में कमेटी द्वारा नियमों की अनदेखी करके नौकरी दी गई है।
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भर्ती के दौरान कर्मचारियों द्वारा जमा कराए गए शैक्षणिक दस्तावेज की जांच की जा रही है। शिक्षा संस्थानों से जारी प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
- सत्तार खान, कार्यकारी अभियंता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम
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