गुरुग्राम। कोविड महामारी के दौरान मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी का फायदा उठाकर सिक्योरिटी कंपनी के अकाउंटेंट ने बैंक खाते से 68 लाख रुपये निकाल लिए। कंपनी के कर्मचारियों का वेतन उनके खाते में न पहुंचने पर वारदात का खुलासा हुआ। सेक्टर-50 थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद कंपनी निदेशक के बयान पर कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
सिफारिश के बाद मिली थी नौकरी
पुलिस के अनुसार मैसर्स सैनिक सर्विलांस सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जसवीर सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी का कार्यालय सेक्टर-46 में है। उन्होंने सेक्टर-9ए में रहने वाले अक्षय विरमानी, उसके पिता केशव विरमानी और पत्नी कीर्ति पर साजिश के तहत ठगी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। उनका कहना है कि अक्षय नवंबर 2014 से इस कंपनी में नौकरी कर रहा था। अप्रैल 2021 में कोविड के चलते बिजनेस कम हो गया और कंपनी ने कई कर्मचारियों को निकाल दिया। इस दौरान अक्षय को भी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। तब उसने कई बार गुजारिश करते हुए कहा कि उसे नौकरी से न हटाया जाए, वह कंपनी के अकाउंट्स, फाइनेंस, बैंकिंग समेत अन्य काम ईमानदारी से देख लेगा। कई बार अनुरोध के बाद कंपनी ने अक्षय को फिर से काम पर रख लिया।
धीरे-धीरे लगा रहा था चूना
अप्रैल 2021 से अक्षय ही कंपनी के अकाउंट्स व फाइनेंस देख रहा था। बैंक से संपर्क कर ऑनलाइन व ऑफलाइन ट्रांजेक्शन करना उसकी ही जिम्मेदारी थी। उसके पास ही सब पासवर्ड थे। कई महीने तक सब ठीक चला, लेकिन फिर 7 जनवरी 2022 को पता चला कि कर्मचारियों की सैलरी ट्रांसफर नहीं की गई है। अक्षय से पूछा तो वह बहाने बनाने लगा। फिर उसने ऑफिस आना बंद कर दिया और उसका मोबाइल भी बंद हो गया। 10 जनवरी तक भी सैलरी ट्रांसफर नहीं हुई तो निदेशक ने इंडियन बैंक से संपर्क किया और इंडियन बैंक व पंजाब नेशनल बैंक के दोनों खातों की डिटेल मांगी तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। निदेशक ने बैंक से संपर्क कर कर्मचारियों की सैलरी ट्रांसफर को कहा तो 9 जनवरी को बताया गया कि इंडियन बैंक खाते में 15291 रुपये और पीएनबी खाते में 75489 रुपये ही हैं। बैंक से ही पता चला कि अप्रैल 2021 से आरोपी ने दोनों खातों से रुपये निकालने शुरू कर दिए थे। कुल 68 लाख 56 हजार 335 रुपये वो बैंक खातों से निकाल चुका है। इसके साथ ही कर्मचारियों का काफी डेटा भी वह चुरा ले गया है। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में आरोप सही पाए गए। जिसके आधार पर सेक्टर-50 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।