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गुरुग्राम: जिले में बनेगी देश की चौथी नेशनल साईंस सिटी, इसरो की कार्यप्रणाली जानेंगे युवा

Sat, 16 Jul 2022 11:38 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

लगभग 50 एकड़ में बसने वाली इस सिटी में इसरो की कार्यप्रणाली समझने के साथ ही विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों का व्यवहारिक ज्ञान मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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देश की चौथी नेशनल साइंस सिटी जल्द ही गुरुग्राम जिले में विकसित होगी। लगभग 50 एकड़ में बसने वाली इस सिटी में इसरो की कार्यप्रणाली समझने के साथ ही विज्ञान और गणित जैसे जटिल विषयों का व्यवहारिक ज्ञान मिलेगा। किताबों के साथ सामान्य व्यवहार और डेमो के जरिए कठिन विषयों को सरलता से समझाया जाएगा। राज्य के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इसके लिए जल्द से जल्द जगह तय करने के निर्देश दिए।

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जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि इस सिटी के लिए पुरानी दिल्ली रोड पर आईडीपीएल प्लांट वाली जगह या मानेसर के पास हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा अधिगृहित भूमि चयनित की जा सकती है। इसमें मानेसर को प्राथमिकता दी जा सकती है, क्योंकि यह दिल्ली-जयपुर हाईवे और कुंडली मानेसर पलवल हाईवे के पास है। 

इससे आवाजाही आसान होगी। गुरुग्राम के अलावा दिल्ली, झज्जर, बहादुरगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, सोनीपत, रोहतक के साथ राजस्थान वासी भी इसका लाभ उठा पाएंगे। मानेसर वर्तमान में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है। साइंस सिटी बनने के बाद इसकी पहचान में एक नया पहलू जुड़ जाएगा।
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देश में तीन साइंस सिटी
अभी तक देश में कोलकाता, जालंधर और अहमदाबाद में तीन साइंस सिटी हैं। गुरुग्राम में चौथी सिटी बसेगी, जो एनसीआर क्षेत्र की पहली होगी। ये कोलकाता की साइंस सिटी से बेहतर होगी। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इसको विकसित करेंगे। राज्य सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, संस्कृति विभाग और हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के अधिकारी इसको बनवाएंगे।

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इसरो की कार्यप्रणाली जानेंगे युवा
हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के अधिकारी डॉ. सुल्तान सिंह ने बताया कि साइंस सिटी में इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) की वैज्ञानिक सुविधाएं होंगी। जिससे बताया जाएगा कि सेटेलाइट धरती की फोटो कैसे लेता है। इसे प्रोसेस करना, प्लानिंग, सेटलाइट का ऑरबिट में जाना और इसे लांच कैसे किया जाता है, आदि की जानकारी दी जाएगी। 

विज्ञान की व्यवहारिक जानकारी देने के उद्देश्य से इसको विकसित किया जाएगा। यहां खेल-खेल में विज्ञान व गणित पढ़ाया जाएगा। इसमें एक बड़ा म्यूजियम होगा, जिसमें साइंस गैलरी, थीम बेस्ड गैलरी, विज्ञान के अलग-अलग नियम, डिजिटल प्रणाली की जानकारी मिलेगी। किताबी की जगह व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा। यहां बच्चे ही नहीं बल्कि युवा भी सीख सकेंगे।

बड़े अफसर रहे मौजूद
इस ऑनलाइन बैठक में नगर एवं ग्राम योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह, तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक खेमका, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक चंद्रशेखर खरे, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी विकास ढांडा, वन मंडल अधिकारी राजीव तेजयान, हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुल्तान सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान उपस्थित रहे।
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