गुरुग्राम। डीएलएफ व एमजी रोड इलाके में सामान्य ऑटो को प्रतिबंधित कर इलेक्ट्रिक वाहन जोन बनाने की योजना के खिलाफ शहर के ऑटो चालकों ने बुधवार को हुंकार भरी। ऑटो चालकों ने शासन की योजना के खिलाफजुलूस निकालते हुए प्रदर्शन किया और फिर जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ऑटो चालकों ने कहा कि उनके यूनियन से बिना विचार-विमर्श किए सरकार ने मनमाने तरीके से डीजल सीएनजी ऑटो को प्रतिबंधित कर दिया। ऐसे में अब हजारों ऑटो चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ऑटो चालकों ने बताया कि प्रदूषण कम होने के चलते उन्होंने सीएनजी ऑटो लिया, लेकिन अब उन्हें भी बंद कराया जा रहा है। सरकार कोई ऐसी योजना निकाले जिसके तहत नए ऑटो की जगह उनको इलेक्ट्रिक वाहन लेने के लिए पूरा पैसा दिया जाए। ऑटो चालक कमला नेहरू पार्क में इकट्ठा हुए और यात्रा निकालते हुए जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ऑटो चालकों ने बताया कि सरकार ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए कहा है कि इफ्को चौक से आगे कोई डीजल ऑटो नहीं जाएगा, जिसके कारण वह हड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान ऑटो चालकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर रहे रोजी-रोटी के लिए संघर्ष
ऑटो चालकों के मुताबिक वह विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। परमिट, पासिंग व फिटनेस की प्रक्रिया पहले बंद कर दी थी लेकिन पैसे वसूलने के लिए फिर से शुरू कर दिया। ऑटो चालकों ने कहा कि सरकार की इस योजना से उनके घरों में चूल्हा नहीं जल रहा है। हो सकता है कि उन्हें आत्महत्या भी करनी पड़े। ऑटो चालकों ने कहा कि जिन्होंने दो-तीन माह पहले ही नए सीएनजी ऑटो लिए हैं, उन वाहनों का क्या होगा।
सरकार ने नहीं की यूनियन से बात
ऑटो चालकों ने आरोप लगाया कि सरकार ने योजना लागू करने से पहले किसी भी यूनियन से बात नहीं की। ऑटो चालकों ने 600 ई रिक्शा दिए जाने पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि पहले से ही संचालित ई रिक्शा को मोडिफाई किया गया है। ऑटो चालकों ने कहा कि शंकर चौक पर मार्शल खड़े कर सीएनजी ऑटो को प्रवेश से रोका जा रहा है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया है, जिन्होंने बिना विचार-विमर्श किए ऑटो को प्रतिबंधित कर दिया। अब अधिकारियों के फोन आ रहे हैं, जिसमें कह रहे हैं कि ऑटो बंद कर दो वरना तुमको बंद कर दिया जाएगा। ऑटो चालकों ने कहा कि सभी ऑटो चालकों के यूनियन से बातचीत कर सरकार उनको विकल्प बताए।