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Gurugram News: पाकिस्तान के सोशल मीडिया एकाउंट्स की नूंह हिंसा में भूमिका, जांच कर रही एजेंसी

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पुलिस जांच में सामने आए पाकिस्तान के दर्जन भर सोशल मीडिया एकाउंट
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- नूंह हिंसा में पाकिस्तानी कनेक्शन की हो रही गहनता से जांच


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह हिंसा में पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आने लगा है। हिंसा प्रकरण की जांच कर रहीं पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे सोशल मीडिया एकाउंट लगे हैं, जिनसे साफ पता चला है कि सरहद पार से भी नूंह में हुई हिंसा को भड़काने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं हिंसा के बाद इन सोशल मीडिया एकाउंट पर बधाई के संदेश भी जमकर प्रचारित किए गए। अहसान मेवाती पाकिस्तान नामक ऐसा ही एक यू-ट्यूबर जांच एजेंसियों के निशाने पर है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रही है।
31 जुलाई को नूंह में जलाभिषेक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा जमकर पथराव किया गया था। इस दौरान मंदिर में फंसे श्रद्धालुओं पर फायरिंग तक की गई थी। सड़क पर आने-जाने वाले लोगों से बदतमीजी की गई। उनके वाहनों को जला दिया गया और उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई थी। इस हिंसा में जहां दो होमगार्ड के जवानों समेत छह लोगों की मौत हुई है, वहीं 70 से ज्यादा घायल हुए हैं। एक डीएसपी और एक इंस्पेक्टर भी दंगाइयों की गोली से घायल हुए। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोट आई थी।
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हिंसा के मामले की जांच कर रही पुलिस को पता चला है कि नूंह में हिंसा को भड़काने का प्रयास पाकिस्तान से भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से किया गया। इनमें कुछ फेसबुक एकाउंट, कुछ इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और कुछ ट्विटर एकाउंट शामिल हैं।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि मेवात और इसके आसपास राजस्थान के इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले से ही अपने विभिन्न धार्मिक संदेश जारी करके भड़काया जाता था।
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सूत्र बताते हैं कि इन फेसबुक एकाउंट के वीडियो को हरियाणा और राजस्थान के युवक बड़ी संख्या में देखते थे। इन पर गो-रक्षकों को काफिर बताते हुए उन्हें दंडित करने का आह्वान इन समुदाय विशेष के लोगों से किया जाता था। अहसान मेवाती पाकिस्तान नामक ऐसा ही एक यू-ट्यूबर जांच एजेंसियों के निशाने पर है। जिसके द्वारा हिंसा को भड़काने संबंधी संदेश प्रसारित किए गए। हालांकि इनमें से अब ज्यादातर को डिलीट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस इन सोशल मीडिया एकाउंट से डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।
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